Latest news
रुड़की में अवैध हथियारों का सौदा नाकाम, 315 बोर के दो तमंचे बरामद नार्को टेस्ट की सहमति के बाद गिरफ्तारीः क्या अंकिता को न्याय दिलाने वाले सवालों के जवाब मिलने से पहल... मुख्यमंत्री ने आदिबद्री मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना विधानसभा सत्र के लिए गैरसैंण आगमन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भव्य स्वागत मुख्यमंत्री ने देहरादून में महर्षि बाल्मिकी प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित शोभा यात्रा में किया प्रतिभ... मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग में पुल-सुरंग परियोजना एवं संगम लाइब्रेरी का किया अवलोकन मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ को दी 284 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 728 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति मुख्यमंत्री ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में किया प्रतिभाग, विजेता धावकों को किया पुरस्कृत जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः सीएम

[t4b-ticker]

Tuesday, October 27, 2026
Homeउत्तराखण्डधराली आपदा में 3 हेक्टेयर कृषि भूमि हो गई बर्बाद

धराली आपदा में 3 हेक्टेयर कृषि भूमि हो गई बर्बाद

देहरादून। उत्तरकाशी जिले के धराली में आई आपदा के कारण न केवल बड़ी संख्या में जान माल का नुकसान हुआ है, बल्कि यहां स्थानीय किसानों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हुई है। इस क्षेत्र में कई पशु मलबे में दब गए और किसानों की खेती भी बर्बाद हो गई। जिसने लोगों के सामने भविष्य का संकट खड़ा कर दिया है।
धराली की आपदा में सेब की बागवानी और बाबूगोसा के पेड़ों को खासी क्षति पहुंचने के साथ ही इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में होने वाली राजमा की खेती को भी नुकसान पहुंचा है। इस तरह धराली में न केवल लोगों को अपने कारोबार से हाथ धोना पड़ा है, बल्कि किसानों के लिए भी भविष्य की रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।
आपदा की बाद से ही सरकार भी यहां हुए नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है। इस कड़ी में फौरी तौर पर अभी कृषि विभाग ने जो आकलन किया है उसके अनुसार, उत्तरकाशी जिले में 7.30 हेक्टर क्षेत्र में कृषि का नुकसान हुआ है। जिसमें से 3।10 हेक्टर कृषि का नुकसान धराली क्षेत्र में हुआ है। कृषि विभाग का आकलन है कि उत्तरकाशी में कुल 7 करोड़ 18 लाख रुपए की कृषि भूमि की क्षति हुई है।
इस धराली आपदा में सिर्फ न केवल किसानों को बल्कि पशुपालकों को भी भारी नुकसान हुआ है। अभी शुरुआती आकलन में पशुपालन विभाग ने भी करीब 25 से 30 पशुओं के मलबे में दबने की पुष्टि की है। हालांकि अभी यह आंकड़ा और भी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है।
उत्तरकाशी जिले के अधिकतर क्षेत्र यात्रा आधारित हैं। इसके अलावा खेती और पशुपालन भी यहां के लोगों के लिए रोजी-रोटी का मुख्य जरिया है। ऐसे में जिले में कई क्षेत्रों में आई आपदा यहां के लिए जान माल का नुकसान करने के साथ भविष्य की रोजी-रोटी के संकट को भी लाई है। बड़ी बात यह है कि जो खेती फिलहाल बची हुई है, उसे भी बाजार तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिले के कई क्षेत्र मुख्य मार्ग से कटे हुए हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments