Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डमुख्य सचिव ने वाइब्रेंट विलेज से सम्बन्धित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार...

मुख्य सचिव ने वाइब्रेंट विलेज से सम्बन्धित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में वाइब्रेंट विलेज योजना से सम्बन्धित राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने वाइब्रेंट विलेज से सम्बन्धित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं को समयबद्धता से पूर्ण किए जाने हेतु केंद्र सरकार में सम्बन्धित मंत्रालयों से लगातार संवाद करते हुए प्रक्रिया में तेजी लायी जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं को समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाने हेतु लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने योजनाओं की प्राथमिकता तय किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं के क्रियान्वयन में एक से अधिक विभागों की भूमिका है, ऐसी महत्त्वपूर्ण योजनाओं को समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाने हेतु सम्बन्धित विभागों से लगातार समन्वय बनाया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं के चयन में भी जनपदों द्वारा गम्भीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि वाईब्रेंट विलेज के दृष्टिकोण से अति महत्त्वपूर्ण योजनाओं पर जनपदों को विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। ऐसी योजनाएं तैयार की जाएं जिनसे वाईब्रेंट विलेज योजना के उद्देश्यों की पूर्ति हो। उन्होंने मुख्य सचिव ने वाइब्रेंट विलेज एरिया में सिविल एवं आर्मी के मध्य सामंजस्य के लिए शीघ्र ही वर्कशॉप आयोजित किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में वाईब्रेंट विलेज के दृष्टिकोण से राज्य सरकार के महत्त्वपूर्ण विभागों, आईटीबीपी, भारतीय सेना, भारत सरकार के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
सचिव राधिका झा ने बताया कि योजना के तहत गृह मंत्रालय को 524 प्रोजेक्ट भेजे गए थे, जिसमें से 181 को स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। उन्होंने बताया कि 181 प्रस्तावों में से 115 वाईब्रेंट विलेज एवं 66 को कन्वर्जेंस के माध्यम से फंडिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन 93 कार्यों के लिए धनराशि जारी हो चुकी है, उनमें से चमोली जनपद के 18 में से 14 प्रोजेक्ट में कार्य शुरू किया जा चुका है। पिथौरागढ़ के 62 कार्यों में से 38 कार्य शुरू हो चुके हैं, जबकि शेष 24 कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया जारी है। उत्तरकाशी के 13 कार्यों में से उरेडा के 8 कार्य हैं जिनका 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है एवं 5 कार्य वन विभाग के हैं जिनका 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, चंद्रेश कुमार यादव, धीराज सिंह गर्ब्याल, आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल, आईजी निलेश आनन्द भरणे, आईजी करन सिंह नगन्याल, उत्तराखंड सब एरिया ब्रिगेडियर हरीश सेठी, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, अनुराधा पाल सहित उत्तरकाशी, चमोली एवं पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments