Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Thursday, April 23, 2026
Homeउत्तराखण्डराज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह पर राजभवन में स्वल्पाहार कार्यक्रम आयोजित

राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह पर राजभवन में स्वल्पाहार कार्यक्रम आयोजित

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह के अवसर पर राजभवन में स्वल्पाहार कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस स्वल्पाहार कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मंत्रीगणों, विधायकगणों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने राज्य सूचना आयोग की दो पुस्तकों का विमोचन किया। सूचना आयोग की पहली पुस्तक ‘‘सशक्त नागरिकः सफल लोकतंत्र-उत्तराखण्ड में सूचना का अधिकार अधिनियम के 20 वर्ष’’ में पूर्व व वर्तमान मुख्य सूचना आयुक्तों, राज्य सूचना आयुक्तों, आयोग के अधिकारियों, प्रशासन अकादमी नैनीताल आदि के द्वारा दिए गए संदेश व लेखों को संकलित किया गया है। संकलित संदेश व लेख उत्तराखण्ड प्रदेश में सूचना का अधिकार अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए किए गए प्रारंभिक प्रयासों तथा आयोग की 20 वर्षों की उपलब्धियों को उजागर करने एवं उनका सार प्रस्तुत किया गया है।
दूसरी पुस्तक एक ‘‘मार्गदर्शिका’’ के रूप में प्रकाशित की गयी है जिसमें अधिनियम के प्रावधानों को सरल, बोधगम्य और व्यावहारिक स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे सूचना आवेदन, उसके निस्तारण और अपील की प्रक्रियाएं निर्धारित समयावधि के भीतर कुशलतापूर्वक पूर्ण हो सकें। यह मार्गदर्शिका न केवल लोक सूचना अधिकारियों व प्रथम अपीलीय अधिकारियों के लिए एक व्यावहारिक संदर्भ दस्तावेज के रूप में कार्य करेगी, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ और संरचित बनाएगी।

इस अवसर पर उन्होंने ‘‘हिस्ट्री ऑफ उत्तराखण्ड’’ पुस्तक का भी विमोचन किया। ओ. सी. हाण्डा द्वारा लिखित यह पुस्तक उत्तराखण्ड के समृद्ध इतिहास और संस्कृति को सरल रूप में बताती है। पुस्तक में कत्यूरी, चंद और गढ़वाल राजवंशों से लेकर आज तक की यात्रा इसमें शामिल है। लोक कथाओं पर आधारित यह किताब देवभूमि की विरासत से पाठकों को जोड़ती है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments