Latest news
जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर फोकस, सीडीओ ने दिए समन्वित कार्ययोजना बनाने के निर्देश कान्हा शांति वनम में शबद कीर्तन और ध्यान ने सभी धर्मों के लोगों को जोड़ा वर्षों से नौनिहालों की सुरक्षा को खतरा बने जिले के 56 जर्जर स्कूल भवन जिला प्रशासन ने कराए ध्वस्त ऋषिकेश में एमडीडीए का सख्त एक्शन, अवैध बहुमंजिला निर्माणों पर चला सीलिंग अभियान जानलेवा हमला कर लूट की घटना को अंजाम देने वाला बदमाश पुलिस मुठभेड़ में हुआ ढेर स्वच्छता ही सेवा-केदारनाथ में एक सप्ताह में जमा किया एक हजार किलो प्लास्टिक वेस्ट मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री ने ‘प्रखर छात्रवृत्ति योजना’ के तहत मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित होमस्टे पर चला डीएम का डंडा, 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त

[t4b-ticker]

Thursday, April 30, 2026
Homeउत्तराखण्डवर्षों से नौनिहालों की सुरक्षा को खतरा बने जिले के 56 जर्जर...

वर्षों से नौनिहालों की सुरक्षा को खतरा बने जिले के 56 जर्जर स्कूल भवन जिला प्रशासन ने कराए ध्वस्त

देहरादून। जिला प्रशासन देहरादून द्वारा जनपद के जर्जर एवं निर्जीर्ण विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज गति से संचालित किया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी/जिलाधिकारी को प्रेषित रिपोर्ट के अनुसार, जनपद में चिन्हित कुल 64 पूर्णतः निर्जीर्ण विद्यालय भवनों में से 56 भवनों का ध्वस्तीकरण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष भवनों पर कार्रवाई प्रगति पर है। जिलाधिकारी के सख्त रूख कड़े निर्देश पर 64 जर्जर विद्यालय भवन निष्प्रोज्य ध्वस्त किए गए है। तथा शेष 8 निष्प्रोज्य भवन 1 माह के भीतर ध्वस्त कर दिए जाएंगे। इस सम्बन्ध में मुख्य शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी को अपनी आख्या प्रस्तुत की है। जिले में 04 माध्यमिक तथा 52 प्रारम्भिक विद्यालयों के भवनों का ध्वस्तीरकण किया जा चुका है। इसी प्रकार विद्यालयों में पूर्ण रूप से निष्प्रोज्य कक्षा कक्षों में माध्यमिक विद्यालय के 07 तथा प्रारम्भिक विद्यालय 10 कक्ष में से 14 का ध्वस्तीकरण किया गया है। तथा 03 निष्प्रोज्य कक्षा कक्षों को एक माह के भीतर ध्वस्त कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी की सख्ती से जिले के जर्जर पड़े सैकड़ो स्कूल भवन पहलीबार एक साथ ध्वस्त किए गए है। जिलाधिकारी द्वारा शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यों की नकेल कसने पर जर्जर भवन के चिन्हिकरण एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही हुई है।
जिले के विकासखण्ड चकराता में 23, कालसी में 17, विकासनगर में 8, सहसपुर में 2, रायपुर में 14, डोईवाला में 17 विद्यालय भवन चिन्हित किए गए थे। जिनमें में से कुल 70 विद्यालय भवनों एवं विद्यालय कक्षों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है, शेष जिन विद्यालय भवनों एवं विद्यालय कक्षों ध्वस्तीकरण विभिन्न कारणों से पूर्ण नहीं हो पाया है, ऐसे 11 पूर्ण एवं आंशिक रूप से निर्जीर्ण भवनों को ध्वस्तीकरण हेतु एक माह का अतिरिक्त समय देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है, जर्जर भवनों को शीघ्र हटाकर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा शिक्षण कार्य बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी। जिला प्रशासन ने जनपद के सभी जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता पर लिया गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करना हमारी सर्वाेच्च जिम्मेदारी है, जिसके लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी निर्देशित किया गया हैै। शेष भवनों पर भी शीघ्र कार्रवाई पूरी की जाएगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments