देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को लोक भवन में कॉन्फेडरेशन ऑफ वीमेन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित “महिला उद्यमीः उभरते सितारे” सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में प्रसिद्ध मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम, उद्योग क्षेत्र से अंजू आहूजा, सामाजिक उद्यमिता के क्षेत्र में कार्यरत निधि मित्तल बंसल, प्रसिद्ध कलाकार एवं शिक्षिका रूबल नागी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत शशि रतूड़ी तथा अभिनेत्री एवं फिल्म निर्माता आरुषि निशंक सहित अनेक महिलाएं शामिल रहीं।
इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक प्रगति तब संभव होती है जब उसका विकास महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएँ केवल समाज और परिवार की आधारशिला ही नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की आर्थिक प्रगति और सामाजिक परिवर्तन की सशक्त वाहक भी बन रही हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा की सराहना करते हुए कहा कि आज की भारतीय महिला अपने संकल्प और प्रतिभा के बल पर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रही है।
राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं को सम्मान और समान अवसर देना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चुनौतियाँ ही जीवन को नई दिशा देती हैं और उनसे संघर्ष करते हुए ही वास्तविक सफलता प्राप्त होती है। आज जिन महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया है, वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी के कंधों पर अब एक बड़ी जिम्मेदारी है कि वे अपने अनुभव और नेतृत्व से आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करें।
राज्यपाल ने उत्तराखण्ड की मातृशक्ति की विशेष सराहना करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाएँ कठिन परिस्थितियों में भी अद्भुत साहस, परिश्रम और नेतृत्व का परिचय देती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों, कृषि, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इस अवसर पर प्रसिद्ध मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि मणिपुर के एक साधारण परिवार से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचने की उनकी यात्रा आसान नहीं रही। सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने दृढ़ संकल्प, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर अपने सपनों को साकार किया। उन्होंने कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक मंच पर देश का तिरंगा ऊँचा करना उनके लिए गर्व का विषय रहा है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपनी शक्ति पर विश्वास रखें, अपने लक्ष्य निर्धारित करें और निडर होकर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करें।
कार्यक्रम में प्रथम महिला गुरमीत कौर, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर एवं हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. भानू दुग्गल, कॉन्फेडरेशन ऑफ वीमेन एंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मीतू पुरी, अध्यक्ष उत्तरप्रदेश चैप्टर रिया रहेजा, सचिव शिखा घई सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाएं एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिला उद्यमियों को राज्यपाल ने किया सम्मानित
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