Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डव्यथित विस्थापित की मजबूरी, पीड़ा का फायदा उठा रहे पुनर्वास परियोजना अधिकारियों...

व्यथित विस्थापित की मजबूरी, पीड़ा का फायदा उठा रहे पुनर्वास परियोजना अधिकारियों को लिया डीएम ने आड़े हाथ

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बसंल भूमि फर्जीवाड़ा की शिकायतों पर सख्त रूख अपनाएं हुए हैं। विगत दिवस जनता दर्शन में शास्त्रीनगर तपोवन निवासी फरियादी पुलमा देवी ने अपनी शिकायत फुलसनी में 2007 में भूमि क्रय कि थी जिसकी रजिस्ट्री भी है, जो आवासीय भूमि टिहरी विस्थापित को आंविटत की गई थी, वर्ष 2020 में भूमि स्वामी द्वारा वही भूमि किसी अन्य को विक्रय कर दी। इस गंभीर एवं संदिग्ध प्रकरण पर डीएम ने जांच कराई। जून माह के द्वितीय जनता दर्शन में डीएम के संज्ञान में आया था पुलमा देवी प्रकरण। अवस्थापना पुनर्वास खण्ड ऋषिकेश का कारनामा एक व्यक्ति जिसने अपनी भूमि 2007 में विक्रय की, बिना जांच के  2019 में उसी के नाम चढावा दी दोबारा भूमिधरी डीएम जांच में खुलासा हुआ कि  प्रश्नगत प्रकरण पर भूमि का वाद मा0 सिविल जज (जू0डि0) विकासनगर देहराूदन में पुलमा देवी बनाम जतिन गोयल पुत्र राजरानी विचाराधीन है, अधिशासी अभियंता अनुसंधान एवं नियेाजन खण्ड ऋषिकेश द्वारा चन्दरू पुत्र अमरू को ग्राम फुलसनी में खसरा न0 399 च0मि0 में 200 वर्गमीटर भूखण्ड ग्रामीण पुनर्वास ऋषिकेश के द्वारा मार्च 2007 में आवासीय भूखण्ड स0 44, 200 वर्म मी0 आंवटित कर माह अपै्रल 2007 में कब्जा दिया गया था। वरिष्ठ प्रबन्धक (पुनर्वास) टिहरी बांध परियोजना केदारपुर देहरादून द्वारा अपने पत्र में बताया कि चन्दरू ग्राम बन्द्राकोटी द्वारा विभाग को गुमराह करते हुए वास्तवित तथ्य छिपाते हुए उक्त भूखण्ड पर भूमिधरी दिये जाने हेतु पुनः प्रत्यावेदन किया गया, जिसके फलस्वरूप उप राजस्व अधिकारी अधिकारी अवस्थापना (पुनर्वास) खण्ड ऋषिकेश द्वारा अपने पत्र 2019 को भूमिधरी प्रकरण तहसील विकासनगर देहरादून को प्रेषित किया गया था तथा भूमिधरि पुनः अंकित की गई। जिस पर डीएम ने अधीक्षण अभियंता (टिहरी बांध पुर्नवास) का वाहन जब्त विवरण सहित प्रस्तुत होने के निर्देशय सम्बन्धित का एसआईटी जांच में संस्तुति की चेतावनी दी। तथा प्रकरण की विस्तृत अग्रेतर क्रिमिनल प्रोसेडिंग हेतु जांच उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा को सौंपी है। इस प्रकार की कार्यवाही से जिला प्रशासन इस पर सख्त कार्यवाही का मूड बना चुका है साथ ही सख्त संदेश दिया है जब तक फरियादी को न्याय नही मिलेगा तब तक प्रशासन चुप नही बैठेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments