Latest news
केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर किया हवन एवं कन्या पूजन सिमोग में दशहरा पर्व समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री महाराज पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईंः सीएम मुख्यमंत्री बन्नू बिरादरी द्वारा परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव में हुए शामिल महाराज ने की नवनियुक्त राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट अब खुली मिठाई पर भी लिखनी होगी निर्माण और एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से उत्तराखंड में नया नियम लागू देहरादून में 23 अक्टूबर से ईवीएम की तकनीकी जांच, डीएम ने राजनीतिक दलों से मांगा सहयोग विधानसभा चुनाव को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन अलर्ट, नोडल अधिकारी तैनात डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखण्ड के राज्यपाल पद की शपथ ली

[t4b-ticker]

Wednesday, October 21, 2026
Homeउत्तराखण्डसिमोग में दशहरा पर्व समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री महाराज

सिमोग में दशहरा पर्व समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री महाराज

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने जौनसार-बावर क्षेत्र के सिमोग में पहुंच कर शिलगुर विजट महाराज के दर्शन कर मंदिर में पूजा अर्चना कर दशहरा पर्व पर आयोजित धार्मिक, सांस्कृतिक और भव्य क्रीड़ा प्रतियोगिता सहित अनेक कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। प्रदेश के पर्यटन धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को जौनसार-बावर क्षेत्र के सिमोग में पहुंच कर शिलगुर विजट महाराज के दर्शन कर मंदिर में पूजा अर्चना करने के साथ-साथ दशहरा पर्व पर टौंस वैली युवा विकास समिति, ग्राम-कोटी, खत-विशायल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभा कर भव्य क्रीड़ा प्रतियोगिता में शामिल होने के पश्चात जमुना कृष्णधाम हरिपुर कालसी में मां यमुना की मूर्ति पर माल्यार्पण भी किया।
श्री महाराज ने विजय दशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस बार विजयादशमी का विशेष महत्व है। क्योंकि सिरमौर और शिमला जिले की सीमा पर स्थित सराहण और चूड़ी धार (चूड़धार) से आराध्य देव शिरगुल महाराज का विजया दशमी पर जौनसार-बावर क्षेत्र के सिमोग में आगमन हुआ है।
उन्होंने कहा कि महाराज के दर्शन के लिए न केवल उत्तराखंड बल्कि हिमाचल प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस उत्सव के दौरान जौनसारी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। स्थानीय लोग अपने पारंपरिक पहनावे में सज-धजकर ढोल-दमाऊ की थाप पर पारंपरिक लोक नृत्य करते हैं, जो इस भागीदारी का मुख्य आकर्षण है। इस अवसर पर भीम सिंह चैहान, जबर सिंह नेगी, डॉ श्याम कुंवर, शांति चैहान, अमित नगी, गीता राम शर्मा, संत राम चैहान, सूरत सिंह चैहान, केशर सिंह चैहान, बीर सिंह चैहान आदि उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments