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Sunday, September 6, 2026
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सावन की शिवरात्रि के शुभ अवसर पर भगवन भोलेनाथ के मंदिरों में श्रधालुओं की उमड़ी भीड़

देहरादून: आज मंगलवार को सावन की शिवरात्रि के मौके पर देवभूमि उत्तराखंड के शिवालयों में सुबह से ही भगवान भोलेनाथ के भगतों की भीड़ जुट गई I

हरिद्वार में दक्ष प्रजापति और विल्वकेश्वर महादेव मंदिर समेत प्रदेश के शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी रही। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध से अभिषेक कर बिल्व पत्र एवं प्रसाद चढ़ाकर परिवार की खुशहाली की कामना की। नीलकंठ धाम में सुबह से ही श्रधालुओं की भीड़ जमा हो गई।

इस श्रावण में आद्रा नक्षत्र जिसके स्वामी स्वयं रुद्र हैं। शिव पुराण और स्कंध पुराण में इसमें जल चढ़ाने का विशेष महत्व बताया गया है। भारतीय प्राच विद्या सोसाइटी कनखल प्रतीक मिश्रपुरी के मुताबिक आज शिव चौदस है। साथ ही आद्रा नक्षत्र भी है।

आज पूरे दिन शिव अभिषेक का मुहूर्त है, लेकिन शाम को सात बजे से भद्रा प्रारंभ हो जाएगी और पूरी रात रहेगी। इस बार भद्रा भी स्वर्ग में होने के कारण कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होगा। 

दक्ष मंदिर के मुख्य पुजारी स्वामी विशेश्वर पुरी महाराज का कहना है कि सावन में शिवरात्रि पर भोलेनाथ का अभिषेक करने का विशेष महत्व है और ऐसा करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव सावन में साक्षात रूप में दक्ष प्रजापति महादेव मंदिर में विराजमान रहते हैं। और वे मात्र जल चढ़ाने से ही प्रसन्न हो जाते है। 

वहीं, गुरु पूर्णिमा से शुरू हुई कावड़ यात्रा भी आज शिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ संपन्न हो गई। देश भर से आए करोड़ों भोले के भक्त मनोकामना पूरी होने पर अगले वर्ष दोबारा जल चढ़ाने का संकल्प लेकर अपने-अपने घरों को लौट गए। हरिद्वार में अब तक 3 करोड़ 50 लाख 70 हजार श्रद्धालु वापसी कर चुके हैं।

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