Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डसभी अधिकारी नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा करें

सभी अधिकारी नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा करें

देहरादून: :सीएस मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में राज्य में नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रदेश के सभी नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास केंद्रों का दौरा करने के निर्देश दिए,साथ ही कहा कि जो नशामुक्ति केंद्र अच्छा कार्य कर रहे हैं,उन्हें सहयोग प्रदान किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मेंटल हेल्थ केयर सेंटर सेलाकुई को और मजबूत किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परिचरों हेतु 5 कमरों की व्यवस्था के साथ ही 10 डोरमेट्री की व्यवस्था शीघ्र अतिशीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से सम्बन्धित समस्याओं के लिए एक डेडीकेटेड हेल्पलाइन नम्बर भी शुरू किए जाने के निर्देश दिए, कहा कि दूर दराज के लोगों को भी इसकी जानकारी हो इसके लिए इसका प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने गढ़वाल और कुमाऊं के लिए एक-एक डेडीकेटेड मोबाईल मेंटल हेल्थ केयर वैन शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे मानसिक स्वास्थ्य रोगी जिनका उपचार अपने घरों में चल रहा है उन्हें नजदीकी उपलब्ध चिकित्सक के पास दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के प्रयास किए जाएं, ताकि उन्हें दवाओं के लिए सेलाकुई तक न आना पड़े। उन्होंने रिहैबिलिटेशन सेंटर्स के लिए नई स्कीम तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि सरकारी रिहैबिलिटेशन सेंटर्स में पर्याप्त मात्रा में बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही बहुत अच्छा कार्य कर रहे निजी और एनजीओ के माध्यम से चल रहे केंद्रों को सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments