Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डविश्वम्भर दत्त चन्दोला अध्ययन एवंम शोध संस्थान ने किया पत्रकारों को सम्मानित

विश्वम्भर दत्त चन्दोला अध्ययन एवंम शोध संस्थान ने किया पत्रकारों को सम्मानित

चन्दोला के 143वें जन्म दिवस पर किया कार्यक्रम का आयोजन

देहरादून: उत्तराखण्ड के मूर्धन्य पत्रकार व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पं. विश्वम्भर दत्त चन्दोला के 143वें जन्म दिवस पर बुधवार को “विश्वम्भर दत्त चंदोला अध्ययन एवंम शोध संस्थान” द्वारा आयोजित कार्यक्रम के तहत राज्य के तीन वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि वन एवं भाषा मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रतिभाग किया. तो वहीं रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेI

बुधवार को सहस्त्रधारा रोड स्थित “विश्वम्भर दत्त चंदोला अध्ययन एवंम शोध संस्थान” द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार सोमवारी लाल उनियाल ‘प्रदीप’, जयसिंह रावत व भगीरथ शर्मा को सम्मानित किया गया।

इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल ने कहा कि आज चाहे पत्रकार हों या राजनेता, उनमें पहले जैसी तत्परता व कार्यनिष्ठा का अभाव खलता है। उनियाल ने विश्वम्भर दत्त चन्दोला के पत्र ‘गढ़वाली’ और उनके उस दौर के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि आज पत्रकारिता से जुड़े लोगों को ‘आर्थिक मिशन’ के बजाय चन्दोला के पत्रकारिता मिशन के जज्बे से सीखने की आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने कहा कि अक्सर बौद्धिक कार्यक्रमों में नया सीखने को तो मिलता ही है, साथ ही सामाजिक संघर्षों के पुरोधाओं से प्रेरणा भी प्राप्त होती है।

वरिष्ट पत्रकार सोमवारी लाल उनियाल ‘प्रदीप’ ने पुराने दौर की पत्रकारिता के संघर्षों को इंगित करते हुए कहा कि वर्तमान में विभिन्न सुविधायें प्राप्त होने के बावजूद भी आज धारदार पत्रकारिता का विलुप्त होना कहीं न कहीं कचोटता है।

वरिष्ठ पत्रकार जयसिंह रावत ने ऐतिहासिक पत्र-पत्रिकाओं का समुचित सरकारी स्तर पर सहेजने व संयोजित करने के प्रयास पर जोर देते हुए आगाह किया कि यदि ऐसा न किया गया तो भावी पीढी ऐतिहासिक संघर्षों व दस्तावेेजों की धरोहर को खो देंगे। वहीं पत्रकार भगीरथ शर्मा ने अपने पत्रकारिता जीवन के ढ़ाई दशकों के संघर्षों को साझा किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शोध संस्थान के अध्यक्ष ओ.पी. सकलानी तथा संचालन लोकेश नवानी व विजयेश नवानी ने किया। कार्यक्रम में 94वर्षीय शम्भू प्रसाद नवानी, डा. मुनिराम सकलानी, विनोद चन्दोला, डा. योगेश धस्माना, डा0 प्रदीप जोशी, विजय प्रताप मल्ल, आनन्द बहुगुणा, जयदीप सकलानी, अम्बुज शर्मा, ललित मोहन लखेड़ा, जगदीश बावला, प्रदीप कुकरेती, आशीष उनियाल, विक्रम गुसांई, स्वामी एस. चन्द्रा, अनिल रावत, महेश्वर सिंह बघेल, सुनील कुमार मेहता, विकास ठाकुर, शोभा धस्माना, रंजना भण्डारी, बबीता उनियाल, छाया शर्मा, अनिता वोरा, ममता भट्ट आदि कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments