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Monday, November 2, 2026
Homeउत्तराखण्डप्रदेश में तीन और मेडिकल कॉलेजों में जल्द शुरू होगी जीनोम सीक्वेंसिंग,...

प्रदेश में तीन और मेडिकल कॉलेजों में जल्द शुरू होगी जीनोम सीक्वेंसिंग, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

देहरादून: राजकीय मेडिकल कॉलेज दून के बाद प्रदेश सरकार जल्द ही तीन और मेडिकल कॉलेजों में भी कोविड संक्रमित सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग लैब स्थापित करेगी। इसके लिए नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) दिल्ली से पंजीकरण की अनुमति मांगी है। इसके अलावा बूस्टर डोज लगाने के लिए केंद्र सरकार से तीन लाख कोविड वैक्सीन मांगी गई हैं।

शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की वर्चुअल बैठक हुई, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य की स्वास्थ्य तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना की जांच के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने के साथ ही चारों मेडिकल कॉलेजों में जीनोम सीक्वेंसिंग लैब की स्थापना की जा चुकी हैं।

दून मेडिकल कॉलेज में जीनोम सीक्वेंसिंग जांच की जा रही है। सरकार ने बूस्टर डोज लगाने के लिए अभियान चलाया है। इसके लिए राज्य को तीन लाख बूस्टर डोज उपलब्ध कराई जाएं।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. विनीता शाह, निदेशक एनएचएम डॉ. सरोज नैथानी, डॉ. पंकज सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को देनी होगी रिपोर्ट

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सभी राज्यों को निर्देश दिए कि कोविड टीकाकरण, आरटीपीसीआर जांच बढ़ाने के साथ संक्रमित सैंपलों की अनिवार्य रूप से जीनोम सीक्वेंसिंग की जाए। सभी राज्य अपनी तैयारियों को परखने के लिए 27 दिसंबर को अस्पतालों में मॉक ड्रिल करें। जिससे संक्रमण की रोकथाम के लिए पर्याप्त संसाधनों, कर्मचारियों, प्रबंधन का अनुमान लगाया जा सके। इसकी रिपोर्ट सभी राज्यों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को देनी होगी।

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