Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डड्रोन टेक्नोलॉजी का सफल ट्रायल, 40 मिनट में दून से उत्तरकाशी पहुंची...

ड्रोन टेक्नोलॉजी का सफल ट्रायल, 40 मिनट में दून से उत्तरकाशी पहुंची वैक्सीन

देहरादून: स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सुदूर इलाकों में समय पर दवा, वैक्सीन पहुंचाने के लिए ड्रोन तकनीक का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने इस बात की जानकारी दी| उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने ड्रोन की मदद से देहरादून से सीमांत जनपद उत्तरकाशी तक महज 40 मिनट में वैक्सीन पहुंचाई है। प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत ड्रोन से डिप्थीरिया टिटनेस (डीपीटी) व पेंटा की 400 खुराक जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी पहुंचाई है। यह पहल स्वास्थ्य विभाग व इनफोरमेशन टेक्नोलाजी डेवलपमेंट एजेंसी (आइटीडीए) ने संयुक्त तत्वावधान रूप से की है ।

ड्रोन तकनीक के सफल ट्रायल को लेकर स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि इस सफल परीक्षण के बाद अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत आगामी दिनों में प्रदेश के सूदूर इलाकों में ड्रोन के माध्यम से कोविड वैक्सीन पहुंचाने के कार्य का शुभारंभ करेंगे।

उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में दवा या वैक्सीन पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग का उपयोग किया जाता है, जिसमें काफी समय लगता हैI वहीं कभी आपदा के कारण भी दवा पहुंचाने में परेशानी होती है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि दवा वितरण में किसी भी प्रकार की देरी न हो, खासकर ऐसे स्थान जहां सड़क मार्ग की सुविधा नहीं है उन सभी चिकित्सा इकाइयों पर भी समय से दवाईयां व् वैक्सीन उपलब्ध हो सके ।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि निकट भविष्य में दुर्घटनाग्रस्त, आपदा या अन्य किसी विकट स्थिति पर समयान्तर्गत प्राथमिक उपचार की दवाएं व अन्य सामाग्री पहुंचाने में ड्रोन तकनीक मील का पत्थर साबित होगी। कोविड के दृष्टिगत भी ड्रोन तकनीक काफी कारगर साबित होगी। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के सभी चिकित्सा इकाइयों में वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखेगा, ताकि पात्र लाभार्थियों का टीकाकरण सुलभ तरीके से पूर्ण हो।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments