Latest news
रुड़की में अवैध हथियारों का सौदा नाकाम, 315 बोर के दो तमंचे बरामद नार्को टेस्ट की सहमति के बाद गिरफ्तारीः क्या अंकिता को न्याय दिलाने वाले सवालों के जवाब मिलने से पहल... मुख्यमंत्री ने आदिबद्री मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना विधानसभा सत्र के लिए गैरसैंण आगमन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भव्य स्वागत मुख्यमंत्री ने देहरादून में महर्षि बाल्मिकी प्रकटोत्सव के अवसर पर आयोजित शोभा यात्रा में किया प्रतिभ... मुख्यमंत्री ने रुद्रप्रयाग में पुल-सुरंग परियोजना एवं संगम लाइब्रेरी का किया अवलोकन मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ को दी 284 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 728 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति मुख्यमंत्री ने गुंजी में आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में किया प्रतिभाग, विजेता धावकों को किया पुरस्कृत जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः सीएम

[t4b-ticker]

Wednesday, October 28, 2026
Homeउत्तराखण्डपिंजरे में कैद हुआ गुलदार, सैम्पल लेकर होगी जांच नरभक्षी है या...

पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, सैम्पल लेकर होगी जांच नरभक्षी है या नहीं

नैनीताल। ग्रामवासी इन दिनों नरभक्षी बाघ के आतंक से परेशान है। इस बीच भीमताल के नरभक्षी प्रभावित क्षेत्र दुधली में देर रात एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया है। इस मामले में डी.एफ.ओ.चंद्रशेखर जोशी का कहना है कि दुधली में पकड़े गए गुलदार के सैम्पल लेकर जांच की जाएगी, कि क्या यह वही हमलावर नरभक्षी हैं।
नैनीताल जिले में भीमताल का एक बड़ा क्षेत्र इन दिनों तीन महिलाओं को हिंसक वन्यजीव द्वारा शिकार बनाए जाने को लेकर चर्चाओं में है। शासन ने पूर्व समय में गुलदार को नरभक्षी घोषित करते हुए मारने के आदेश दिए थे, जिसके बाद उच्च न्यायालय ने स्वतः मामला संज्ञान लेकर उसे सीधे मारने से मना कर दिया गया था। साथ ही वन विभाग द्वारा नरभक्षी को गुलदार या बाघ चिन्हित कर पाने में असफल होने पर न्यायालय ने पहले उसे चिन्हित कर कब्जे में लेने को कहा था। जिसके बाद वन विभाग ने हिंसक वन्यजीव को पकड़ने के लिए 14 पिंजरे और 36 कैमरा ट्रैप लगाए। इसके अलावा कई गश्ती दल और ड्रोन कैमरे से हिंसक वन्यजीव की लोकेशन को तलाशा गया।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम तक तमाम कोशिशों के बावजूद विभाग को हिंसक वन्यजीव के पंजे, मल मूत्र, कोई फोटो या अन्य ठोस जानकारी नहीं मिल सकी थी। शनिवार सवेरे बाघ और गुलदार के असमंजस के बीच बड़ोंन रेंज के दुधली गांव में एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। पकड़े गए तंदुरुस्त गुलदार के सैम्पल लेकर इस बात की टेस्टिंग कराई जाएगी कि क्या ये वही हिंसक वन्यजीव है, जिसकी विभाग को तलाश है।

पिंजरे में कैद हुआ गुलदार, सैम्पल लेकर होगी जांच नरभक्षी है या नहीं

नैनीताल, आजखबर। ग्रामवासी इन दिनों नरभक्षी बाघ के आतंक से परेशान है। इस बीच भीमताल के नरभक्षी प्रभावित क्षेत्र दुधली में देर रात एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया है। इस मामले में डी.एफ.ओ.चंद्रशेखर जोशी का कहना है कि दुधली में पकड़े गए गुलदार के सैम्पल लेकर जांच की जाएगी, कि क्या यह वही हमलावर नरभक्षी हैं।
नैनीताल जिले में भीमताल का एक बड़ा क्षेत्र इन दिनों तीन महिलाओं को हिंसक वन्यजीव द्वारा शिकार बनाए जाने को लेकर चर्चाओं में है। शासन ने पूर्व समय में गुलदार को नरभक्षी घोषित करते हुए मारने के आदेश दिए थे, जिसके बाद उच्च न्यायालय ने स्वतः मामला संज्ञान लेकर उसे सीधे मारने से मना कर दिया गया था। साथ ही वन विभाग द्वारा नरभक्षी को गुलदार या बाघ चिन्हित कर पाने में असफल होने पर न्यायालय ने पहले उसे चिन्हित कर कब्जे में लेने को कहा था। जिसके बाद वन विभाग ने हिंसक वन्यजीव को पकड़ने के लिए 14 पिंजरे और 36 कैमरा ट्रैप लगाए। इसके अलावा कई गश्ती दल और ड्रोन कैमरे से हिंसक वन्यजीव की लोकेशन को तलाशा गया।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम तक तमाम कोशिशों के बावजूद विभाग को हिंसक वन्यजीव के पंजे, मल मूत्र, कोई फोटो या अन्य ठोस जानकारी नहीं मिल सकी थी। शनिवार सवेरे बाघ और गुलदार के असमंजस के बीच बड़ोंन रेंज के दुधली गांव में एक गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। पकड़े गए तंदुरुस्त गुलदार के सैम्पल लेकर इस बात की टेस्टिंग कराई जाएगी कि क्या ये वही हिंसक वन्यजीव है, जिसकी विभाग को तलाश है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments