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Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डतृतीय केदार भगवान तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद

तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए हुए बंद

-भगवान तुंगनाथ जी की उत्सव डोली रात्रिविश्राम हेतु पहुंची चोपता

-कल 31 अक्टूबर को भनकुन तथा 1नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में विराजमान होंगे।

रुद्रप्रयाग/ उखीमठ: पंच केदारों में प्रसिद्ध तृतीय केदार श्री तुंगनाथ भगवान के कपाट आज अपराह्न 1बजे दिन में विधि. विधान पूर्वक शीतकाल हेतु बंद कर दिये गयेहैं।

प्रातःकाल से ही भगवान तुंगनाथ जी की पूजा. अर्चना चली। भगवान को भोग प्रसाद भेंट किया गया भक्तों ने बाबा तुंगनाथ जी के दर्शन किये। इसके बाद पूर्वाह्न ग्यारह बजे से कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। मुख्य पुजारी अतुल मैठाणी ने अन्य आचार्यगणों एवं देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों की उपस्थिति में भगवान की समाधि पूजा पूर्ण की भस्म. पुष्प पत्र आदि से ढककर स्यंभू शिव लिंग को समाधि रूप दिया।

वहीं ठीक अपराह्न एक बजे भगवान श्री तुंगनाथ जी के कपाट शीतकाल हेतु बंद कर दिये गये। उसके बाद भगवान श्री तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली मंदिर परिसर में लायी गयी। मंदिर की परिक्रमा करते भगवान तुंगनाथ जी के जयकारों के साथ प्रथम पड़ाव चोपता हेतु प्रस्थान हुई।

भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली शुक्रवार को चोपता प्रवास करेगी वहीं कल वनतोली होते हुए भनकुन प्रवास रहेगा। 1नवंबर को उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल श्री मारकंडेय मंदिर मक्कूमठ में विराजमान हो जायेगी इसी के साथ भगवान श्री तुंगनाथ जी की शीतकालीन पूजाएं भी शुरू हो जायेंगी।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि इस यात्रा वर्ष कोरोना काल के बावजूद साढे पांच हजार तीर्थयात्री श्री तुंगनाथ भगवान के दर्शन को पहुंचे

कपाट बंद होने के अवसर पर मठापति रामप्रसाद मैठाणी, देवस्थानम बोर्ड के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार नौटियाल डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित, तुंगनाथ मंदिर के प्रबंधक बलबीर सिंह नेगी, आचार्य मुकेश मैठाणी, विनोद मैठाणी, प्रकाश मैठाणी मौजूद रहे।

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