Latest news
श्रमिकों के हित सर्वोपरि, टीएचडीसी टनल हादसे की समीक्षा में आयुक्त ने दिए निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईआर पर की समीक्षा स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध वीरों को किया नमन मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने की अहम बैठक एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ अतिक्रमण, अवैध फैक्ट्री और आपदा कार्यों में अनियमितता पर डीएम सख्त, अधिकारियों को दिए जांच के निर्दे... जल जीवन मिशन के ठेकेदारों का ढाई वर्षों से लंबित देयकों का भुगतान शीघ्र किए जाएः अग्रवाल उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी युवा आयोग की स्थापना से साकार होगी समृद्ध उत्तराखंड की संकल्पनाः भट्ट राष्ट्रीय राजमार्ग का बडा हिस्सा धंसने से ट्रक फंसा

[t4b-ticker]

Tuesday, August 18, 2026
Homeउत्तराखण्डउत्तराखंड बेरोजगार संघ ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को हटाने की मांग उठाई

उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को हटाने की मांग उठाई

देहरादून। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष और टिहरी लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी रहे बॉबी पंवार ने शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बार उन्होंने माध्यमिक शिक्षा निदेशक महावीर बिष्ट पर लगे भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड में युवाओं के भविष्य को बेचने का फिर से खेल शुरू हो गया है। ऐसे में युवाओं के हितों के लिए बेरोजगार संघ इसका पुरजोर तरीके से विरोध करेगा।
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने आरोप लगाते कहा कि शिक्षा विभाग में ऐसे अपर निदेशक को माध्यमिक शिक्षा निदेशक बनाया गया है, जिस पर भ्रष्टाचार के तीन से चार आरोप सिद्ध हुए हैं। इसके अलावा आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में कुछ आला अधिकारी वसूली एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। बॉबी पंवार का कहना है कि आरोप सिद्ध होने के बावजूद महावीर सिंह बिष्ट को माध्यमिक शिक्षा का निदेशक बनाकर प्रोन्नत किया गया है। उन्होंने बीआरपी और सीआरपी के 955 पदों को भरने के लिए एक बाहरी कंपनी का जिक्र करते हुए कहा कि इन पदों को भरने के लिए बाहर की आउटसोर्सिंग कंपनी का चयन किया गया है, लेकिन यह कंपनी मानक पूरे नहीं करती है। उत्तराखंड की एक कंपनी, जो मानक पूरे करती है, उस कंपनी को बाहर कर दिया गया।
कंपनी मामले को हाईकोर्ट में ले गई। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने भी चयन को गलत करार दिया है। उसके बावजूद अभी तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में जो कंपनी खुद में मानक पूरे नहीं कर रही है, उससे एक पारदर्शी तरीके से युवाओं के चयन की उम्मीद नहीं की जा सकती है। बॉबी पंवार ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भ्रष्ट अधिकारी अपने पुराने तरीके से कामकाज करते रहेंगे तो बेरोजगार संघ जो अभी तक युवाओं के हितों की लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ रहा था, उस रणनीति को बदलते हुए बेरोजगार संघ भ्रष्ट अधिकारियों को अपने तरीके से जवाब देगा। इसके अलावा उन्होंने आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों का विरोध जताया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments