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Monday, August 17, 2026
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सेतु आयोग की कार्ययोजना से सम्बन्धित प्रस्तुतीकरण का सीएम ने किया अवलोकन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में नवगठित सेतु आयोग की कार्ययोजना से सम्बन्धित प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करते हुए निर्देश दिये कि सेतु आयोग आने वाले 2 साल के लिए प्रभावी नीति बनाए। सेतु द्वारा कौशल विकास और स्वरोजगार की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। प्रयास किये जाएं कि राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। स्किल डेवलपमेंट प्लान और योजनाओं के सरलीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भी कार्ययोजना बनाई जा रही है, आगामी 02 सालों में वे पूर्ण रूप से धरातल पर दिखें। उन्होंने जनपदों के विकास के लिए उनकी भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल विकास की योजनाओं पर कार्य किये जाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेतु आयोग के गठन का उद्देश्य राज्य में मजबूत एवं सुदृढ़ नीतियां बनाना, योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना, प्रभावी कार्य संस्कृति को विकसित करना, विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन एवं योजनाओं पर प्रभावी निगरानी रखें जाने के लिए किया गया है। सेतु आयोग ऐसी योजनाओं पर कार्य करें, जिसमें राज्य का समग्र विकास प्राथमिकता में हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों के लिए रिजल्ट ओरिएंटेशन एवं गुड गवर्नेंस आधारित कार्य योजनाओं पर कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचे, इसके लिए विभिन्न माध्यमों से योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाए। प्रचार-प्रसार के लिए सरल तरीके अपनाये जाएं। यदि आवश्यकता हो तो यूजर फ्रेंडली पोर्टल (यूजर फ्रेंडली एप्लीकेशन) भी बनाए जाए। आम जनता को अपनी योजनाओं के बारे में पता हो, इसके लिए टेक्नोलॉजी का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाय। उन्होंने कहा राज्य में डाटा इकोसिस्टम बनाने पर भी कार्य हो, जिससे योजनाओं का आंकलन करने में आसानी हो एवं विभागों के आउटकम की मॉनिटरिंग भी हो सके। इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, उपाध्यक्ष सेतु राजशेखर जोशी, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, नियोजन विभाग के मनोज पंत उपस्थित थे।

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