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Thursday, July 23, 2026
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गौ को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने के लिए संत ग़ोपाल मणि महाराज निकले एक और ऐतिहासिक यात्रा पर

देहरादून। गौमाता को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने के लिए संत गोपाल मणि महाराज गंगोत्री का जल लेकर रामेश्वरम की यात्रा पर निकले। इस यात्रा का पहला पड़ाव आज सायं को आगरा पहुंचेगा गौ गंगा कृपाकांक्षी संत गोपाल मणि महाराज के मीडिया प्रभारी डॉ रामभूषण बिजल्वाण ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि संत गोपाल मणि महाराज जी का जन्म केवल और केवल गौ संवर्धन और गौ की प्रतिष्ठा के लिए हुआ है आप सबको विदित है कि द्वापर में भगवान श्री कृष्ण आज के दिन यानि गोपाष्टमी के दिन मात्र छ वर्ष की अवस्था में गौ के वर्द्धन के लिए गोचारण लीला प्रारम्भकर ग़ोपाल बने थे और इस कलिकाल में स्वनाम धन्य संत ग़ोपाल मणि महाराज जी भी अपने नाम को सार्थक करते हुए विगत 2008 से निरंतर भारतीय संस्कृति की मूल आधार गौमाता को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलाने और संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संघर्षरत हैं और इसी क्रम में संत गोपाल मणि महाराज ने कई प्रकार के विभिन्न अभियानों के माध्यम से देशभर में जन जागरण किया है और अब एक बार पुनः ऐतिहासिक यात्रा गंगोत्री से रामेश्वरम तक की सैकड़ों भक्तों के साथ आज गोपाष्टमी के दिन प्रारंभ हुई है आप सबको विदित है कि 2011 में संत गोपाल मणि महाराज ने 5000 अनुयायियों के साथ गोमुख से लेकर के राष्ट्रपति भवन दिल्ली तक को गंगा हिमालय संरक्षण हेतु विशाल पदयात्रा की थी जो 18 दिन में पूरी हुई थी और उसके फलस्वरुप भारत की सरकार ने गंगा को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया और उसके बाद संत गोपाल मणि महाराज गौ की प्रतिष्ठा में लग गए निरंतर कई प्रकार के आंदोलन अभियान जनसभाएं की अभी हाल ही में गोध्वजस्थापन का कार्यक्रम चारों पीठ के पूज्य शंकराचार्यों के सानिध्य में संपन्न हुआ और आज गोपाष्टमी के दिन से गंगोत्री का जल भर के रामेश्वरम चढ़ाएंगे। आज पहले दिन का पड़ाव आगरा में विराम हुआ है । आगरा पहुंच करके संत गोपाल मणि महाराज ने विशाल जन समुदाय के साथ गोष्ठी की है और गोष्ठी में महाराज श्री ने एक ही संकल्प दोहराया है कि देश में गौ को राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा दिलानी है साथ ही रामचरितमानस की चौपाई को स्मरण करते हुए संत गोपाल मणि महाराज ने कहा कि तुलसी बाबा ने रामचरितमानस में लिखा है कि जो व्यक्ति गंगोत्री का गंगाजल रामेश्वरम में चढ़ाता है वह शिव सायुज्य और मुक्ति को प्राप्त हो जाता है इसी संकल्प के साथ कि इस देश के अंदर गौ माता की प्रतिष्ठा हो और भारत के माथे पर जो गौ हत्या का कलंक है उस कलंक से सबको मुक्ति मिले इसी संकल्प के साथ यह यात्रा रामेश्वरम तक की आज प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में देवभूमि से प्रारंभ हुई है साथ ही गोपाल मणि महाराज ने सभी सनातनियों का हिंदुओं का आह्वान किया कि आप सब लोग जागो और अपने जीवन को धन्य बनाना है तो गौ की प्रतिष्ठा के कार्य में सब लोग लग जाए क्योंकि हिंदू वही है जो गौ के संवर्धन के लिए सम्मान के लिए प्रतिष्ठा के लिए खड़ा हो।

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