Latest news
मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की मुख्यमंत्री धामी ने बीआरओ गेस्ट हाउस में बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की समीक्षा की मुख्यमंत्री के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी, चारधाम यात्रा बनी सुरक्षित व सुगम तीन दिवसीय गढ़-कुमाऊं भ्रमण पर रहेंगे कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ऋषिकेश यात्रा ट्रांजिट कैंप में पहाड़ी स्वाद का संगम, यात्रियों को मिल रहा खास अनुभव दून के पुलिस कप्तान ने किए 54 इंस्पेक्टरों व दरोगाओं के तबादले उत्तराखण्ड विधानसभा का विशेष सत्र 28 अप्रैल को श्री बदरीनाथ धाम में पहुंची उद्धव व कुबेर जी की उत्सव डोलियाँ श्रद्धालुओं के लिए खुले तुंगनाथ महादेव मंदिर के कपाट

[t4b-ticker]

Thursday, April 23, 2026
Homeउत्तराखण्डउत्तराखंड में नये साल पर अलर्ट मोड़ पर रहेंगे सभी अस्पताल और...

उत्तराखंड में नये साल पर अलर्ट मोड़ पर रहेंगे सभी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज

देहरादून। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने नये साल के जश्न के दौरान सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड़ पर रहने के आदेश दिये हैं। स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने सभी राजकीय मेडिकल कालेजों और सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिये हैं कि आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन को और अधिक दुरुस्त किया जाएं। आपातकालीन प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई गाइडलाइन (एसओपी) जारी की है। सभी अस्पतालों से इस गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिये गये हैं।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि नये साल और शीतकालीन चारधाम यात्रा के दौरान सभी अस्पतालों को इमरजेंसी मैनेजमेंट की व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिये हैं। प्रदेश में आपातकालीन प्रबंधन को लेकर राजकीय मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों की एक बैठक हुई। इस बैठक में आपातकालीन प्रबंधन को लेकर मंथन हुआ। इस संबंध में राजकीय मेडिकल कालेज देहरादून सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ इमरजेंसी मैनेजमेंट को लेकर विचार विमर्श किया गया। आपातकालीन प्रबंधन के तहत ट्राईएज के तहत मरीजों की तेजी से जांच की जाती है। इसके अलावा क्लीनिक प्रोटोकॉल, डॉक्युमेंटेशन और क्वालिटी एश्योरेंस को लेकर भी गाइडलाइन बनाई गयी हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि गंभीर मरीजों को 10 मिनट के अंदर इलाज मिलना सुनिश्चित किया जायेगा। इस संबंध में लापरवाही होने पर संबंधित मेडिकल कॉलेज के एमएस या प्राचार्य की जवाबदेही होगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments