Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डजागरूक मतदाता नहीं हैं हरीश रावतः भट्ट

जागरूक मतदाता नहीं हैं हरीश रावतः भट्ट

देहरादून। भाजपा ने पूर्व सीएम हरदा को आइना दिखाया कि उनका मतदान के दिन सूची में नाम ढूंढने से ही पता चलता है वे कितने जागरूक मतदाता हैं। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कटाक्ष किया कि वे इतने स्थानों से चुनाव लड़ते हैं कि उन्हें मालूम नहीं किस शहर या ग्रामीण क्षेत्र में उनका वोट है। भाजपा की जीत निश्चित है लिहाजा उनके जैसे वरिष्ठ नेता के इस तरह की नाटकबाजी और हल्की राजनीति से बचना चाहिए।
मतदाता सूची में नाम नही होने के आरोपों पर पलटवार करते हुए भट्ट ने कई गंभीर सवाल उठाए। कहा, मतदान को लेकर हरीश रावत कितने जागरूक हैं, यह इस बात से ही पता लगता है कि मतदान के दिन वह अपने मत को ढूंढने निकलते हैं। दअरसल उन्हें यह मालूम ही नहीं वह कहां के मतदाता है ? क्योंकि कभी वह हरिद्वार से चुनाव लड़ते हैं, कभी अल्मोड़ा से चुनाव लड़ते हैं कभी उधम सिंह नगर से लड़ते हैं। उन्हें यह  ही मालूम ही नहीं कि वे ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता है या शहरी क्षेत्र के। दरअसल सच्चाई यह है कि जब हार स्पष्ट सामने दिखाई देने लगती है तो आदमी इसी तरीके की बहानेबाजी करता है। उनका देहरादून में अपना वोट ढूंढना, इसी और इशारा करता है।
इसलिए उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि उन्हें भी जागरूक मतदाता बनना चाहिए और समय रहते अपने मत को सुनिश्चित करना चाहिए था। स्वयं अपना उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा, मैं भी ग्रामीण क्षेत्र का मतदाता हूं। इसी वजह से मैं भी आज स्वाभाविक रूप से वोट नहीं कर पाऊंगा। बेहतर होता कि हरदा को भी सच्चाई को स्वीकार करते। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, इस तरह के दिखावटी एवं बनावटी नाटक से हल्की राजनीति करना ऐसे वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता है। उन्हें इससे बचना चाहिए और जागरूक मतदाता बनकर, अपने साथी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सामने सही उदाहरण पेश करना चाहिए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments