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Tuesday, October 27, 2026
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उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में चल रही अनिमितताओं के खिलाफ डी.एम को दिया ज्ञापन

देहरादून। उत्तराखंड तकनिकी विश्विद्यालय में चल रहे फर्जी डिग्री जाँच प्रकरण में डी.ए.वी. छात्र संघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल के नेतृत्व में छात्र संघटनो ने वाईस चांसलर डॉ. ओमकार सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी. के. पटेल से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे के मांग की थी। उसके बाद और भी काफी अनियमिताओं की शिकायत छात्रों ने की ! तकनिकी विश्विद्यालय में दिन प्रतिदिन बढ़ रहे भ्रस्टाचार, परीक्षा एवं वित्तीय अनिमिताओ की शिकायतो पर आज छात्रों ने जिला अधिकारी, तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं तकनीकी शिक्षा सचिव को ज्ञापन दिया।
उनकी मांगों में फेल छात्र को डिग्री देने के संगीन मामले की जाँच हेतु रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में निष्पक्ष जाँच समिति बने एवं कुलपति एवं परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी तय हो। जो भी दोषी पाया जाये उनको जेल भेजा जाये। एम.बी.ए. छात्रों को बांटी गयी गलत मार्कशीट तुरंत वापस ली जाये एवं चोरी छिपे वापस न मांग करे लिखित में नोटिफाई करके सही मार्कशीट तुरंत दी जाये। बच्चो को उनके गृह जनपद से आने जाने का टी. ए. दिया जाये। घर बैठे ऑनलाइन मूल्याङ्कन को तुरंत बंद करके गोपनीय रूप से मूल्याङ्कन केन्द्रो पर मूल्याङ्कन दिन में पूर्ण गोपनीय एवं पारदर्शी तरीके से कराया जाये। विश्विद्यालय द्वारा अभी तक पिछली परीक्षा का भुगतान शिक्षकों को नहीं किया गया है जिसकी वजह से वर्तमान मूल्यांकन में ज्यातर शिक्षक रूचि नहीं ले रहे है। ऐसे में रिजल्ट घोसित होने में देरी हो रही है एवं जूनियर शिक्षकों से मूल्याङ्कन करवाया जा रहा है।
ऑनलाइन मूल्याङ्कन से काफी बड़ी संख्या में छात्र संतुष्ट  नहीं है एवं उनसे पुनर्मूल्यांकन के नाम पर 3000 रुपये लिए जा रहे है फिर भी उनको सही से संतुस्ट नहीं किया जा रहा है। अतः विश्विद्यालय प्रति सप्ताह निःशुल्क कैंप लगाकर सभी छात्रों से उनकी मूल्याङ्कन से शिकायत को सुने एवं उनको पूर्णतः संतुष्ठ करे। वर्तमान इ.आर.पी. बिकुल भी छात्रों के हित में नहीं है ! इसको तुरन्त बंद करके उत्तराखंड के वेंडर से स्वच्छ टेंडर प्रकिर्या अपनाकर किसी और वेंडर को  इ.आर. पी. दिया जाये। शिक्षको को तुरंत उनके मूल्याङ्कन एवं परीक्षा ड्यूटी का पैसा दिया जाये। अगले मूल्यांकन का पैसा एडवांस में दिया जाये। पारदर्शी तरीके से केवल सीनियर अद्यापको को ही परीक्षक नियुक्त किया जाये। भाई भतीजा वाद बिलकुल खतम हो।

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