Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डसीएम धामी ने किया एक दिवसीय राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला का शुभारम्भ

सीएम धामी ने किया एक दिवसीय राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला का शुभारम्भ

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को महराणा प्रताप स्पोटर्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में लोक योजना अभियान – 2021 सबकी योजना सबका विकास के अन्तर्गत गढ़वाल मण्डल के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों एवं कार्मिक पंचायतीराज विभाग की एक दिवसीय राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा कोरोना काल में कार्य करने वाले ग्राम पंचायत विकास एवं सहायक विकास अधिकारी, पंचायत को एक क्लिक से पी.एफ.एम.एस. के माध्यम से गढ़वाल मण्डल के 55 सहायक विकास अधिकारी, पंचायत एवं 455 ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों प्रत्येक को 10-10 हजार रूपये की धनराशि कुल 510 कार्मिकों को रू0 51 लाख की धनराशि त्वरित ट्रान्सफर की गयी।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर घोषणा की जिला पंचायत अध्यक्षों का मानदेय 10 हजार रूपये से बढ़ाकर 14 हजार कर दिया गया जायेगा। उपाध्यक्षों का मानदेय 6000 से बढ़ाकर 9800, उप प्रधान का 500 से 1000, जिला पंचायत सदस्य का 1000 से बढ़ाकर 1500 प्रति बैठक एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य 500 से रू0 700 प्रति बैठक किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में जन प्रतिनिधियों द्वारा सराहनीय कार्य किया गया। सभी प्रधानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम खोलने की जो घोषणा की गई थी उसका शासनादेश हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समाज के हर वर्गों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं चलाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। रोजगार के साथ ही स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जन समस्याओं का समाधान एक ही जगह पर हो इसके लिए लगातार कैंप लगाये जा रहे हैं। जनपदों में रोजगार मेले आयोजित किये जा रहे हैं।

पंचायतीराज मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा की कोविड काल के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी जान की परवाह किये बगैर पंचायतों में जो कार्य किये वह सराहनीय है। पंचायतों में वर्तमान में सभी धनराशि ऑनलाइन आवंटित की जा रही है। पारदर्शिता के साथ कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

कार्यशाला में पंचायतीराज विभाग एवं अन्य रेखीय विभागों के विशेषज्ञों द्वारा कार्यशाला में आये हुए समस्त प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। त्रिस्तरीय पंचायतों में जी.पी.डी.पी, बी.पी.डी.पी. एवं डी०पी०डी०पी० में पंचायतों की आवश्यकतानुसार प्लान बनाकर अपलोड किये जाने के सम्बन्ध में सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया, जिससे पंचायतों को मिलने वाले अनुदान का उचित एवं आवश्यकतानुसार प्रबन्धन कर सकें। पंचायतें प्राप्त अनुदान के सापेक्ष अपने-अपने क्षेत्र की यथा आश्यकतानुसार योजनाओं का चयन कर प्लान बनायेंगे। जिससे बजट अनुदान प्रथमतः आवश्यक एवं विकास परक योजनाओं पर व्यय किया जा सकेगा। इस अवसर पर गढ़वाल मण्डल के सभी जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष, सदस्य जिला पंचायत, प्रमुख / ज्येष्ट उप प्रमुख / कनिष्ठ उप प्रमुख सदस्य क्षेत्र पंचायत प्रधान / उप प्रधान आदि पंचायत पदाधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यक्रम का संचालन हेमन्त बिष्ट, अमिशा गुप्ता, एवं एम.एम. खान, जिला पंचायतराज अधिकारी, पौडी गढ़वाल ने किया।

कार्यक्रम में विधायक रायपुर उमेश शर्मा काऊ, सचिव पंचायतीराज नितेश कुमार झा, निदेशक चन्द्र सिंह धर्मशक्तू, संयुक्त निदेशक राजीव कुमारनाथ त्रिपाठी, उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी, गढ़वाल मण्डल के समस्त जिलापंचायत राज अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments