Latest news
कुंभ मेला के लिए कुंभ क्षेत्र के पौराणिक स्थलों का किया जाएगा सौंदर्यीकरण केंद्र सरकार से उत्तराखंड को 264.50 करोड़ रुपये की विशेष सहायता स्वीकृत गंगोत्री धाम में डीएम ने लिया यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा गैस आपूर्ति को लेकर उभरा संकट, कमर्शियल गैस सिलिंडरों की सामान्य आपूर्ति पर रोक सूबे के शत-प्रतिशत प्राथमिक विद्यालयों में बनेंगे बालिका शौचालयः डॉ. धन सिंह उत्तराखंड में ग्रामीणों से खरीदा गया 5 करोड़ 42 लाख रुपए का पिरूल पर्यटन मंत्री का भराड़ीसैण विधान सभा भवन परिसर में डेस्टिनेशन मैरिज का सुझाव गैरसैंण बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में पास हुए 11 विधेयक सदन में गूंजा मानव-वन्य जीव संघर्ष का मुद्दा फीस जमा न होने पर स्कूल ने किया परीक्षा से बाधित; डीएम ने प्रोजेक्ट नंदा-सुंनदा से दी विदुषी की फीस

[t4b-ticker]

Wednesday, March 11, 2026
Homeउत्तराखण्डवर्तमान सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर 23 मार्च को प्रदेश...

वर्तमान सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर 23 मार्च को प्रदेश में मनाया जायेगा सेवा दिवस

देहरादून। मुख्यमंत्री ने वर्तमान सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दिल्ली से वर्चुअल बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि 22 से 25 मार्च तक प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इन आयोजनों में जनता के जुड़ाव के लिए भी प्रभावी पहल की जाए। 23 मार्च को सेवा दिवस के रूप में मनाया जाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के तीन साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकासखण्ड स्तर तक बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाए। स्वास्थ्य शिविर लगाये जाएं। जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। जन सरारेकारों से जुड़े कार्यों में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि वे अभी दिल्ली प्रवास पर हैं, लेकिन उनका मन हर पल राज्य के विकास के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार के तीन साल के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में समाज के हर वर्ग  और क्षेत्र के लोगों को जोड़ा जाए। विभिन्न क्षेत्रों में सरानीय कार्य करने वालों की सफलताओं की कहानियां आम लोगों तक पहुंचाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तीन साल के कालखण्ड में राज्य की जनभावनाओं के अनुरूप विकास के कई प्रतिमान स्थापित किये गये हैं। कई ऐसे निर्णय लिये गये हैं, जो राज्यहित के लिए नितान्त जरूरी हैं। समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी जैसे ऐतिहासिक कानून लागू किये गये, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को अलग पहचान मिली है। राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए पहली बार राज्य का बजट 01 लाख करोड़ के पार पहुंचा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के प्राकृतिक जल स्रोतों के संवर्द्धन के साथ ही चाल-खाल, कुओं, गाड-गदेरों के पुनर्जीवीकरण के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास किये जाएं। आगामी ग्रीष्म काल के दृष्टिगत प्रदेशभर में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये। बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव एल. फैनई, आर. मीनाक्षी सुदंरम, डीजीपी दीपम सेठ, सचिवगण, सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, वर्चुअल माध्यम से उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय रोहिला, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर.सी अजय मिश्रा एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments