Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डमत्स्य निरीक्षकों की शैक्षणिक अहर्ता का बेरोजगार संघ ने किया विरोध

मत्स्य निरीक्षकों की शैक्षणिक अहर्ता का बेरोजगार संघ ने किया विरोध

देहरादून: मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य निरीक्षकों के पदों पर हाल ही में किये जा रहे संशोधन का सूबे के बेरोजगारों ने पुरजोर विरोध किया है। बेरोजगारों ने सरकार पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में मत्स्य विज्ञान से बीएससी,एमएससी, पाठ्यक्रम मौजूद नहीं है।सूबे में एक मात्र पंतनगर विस्वविधालय में ही यह पाठ्य क्रम मौजूद है। जिसे सभी क्षेत्रों के बेरोजगार नौजवानों को करना संभव नहीं है।पर्वतीय क्षेत्र के महाविधालयों में बीएससी, एमएससी, जन्तु विज्ञान, बनस्पति विज्ञान, में शिक्षित बेरोजगारों को नयी शैक्षणिक अहर्ता से भारी नुकसान हो रहा है।

कहा कि उत्तराखंड शासन की अधिसूचना संख्या 878 दि. 22.11.2021को भर्ती सेवा नियमावली में उपरोक्त विषयों को दरकिनार कर दिया गया है, और मात्स्यकी विज्ञान में स्नातक उपाधि धारकों बीएफएससीद्धवालों को ही अनिवार्य कर दिया गया है। जिसका बेरोजगार शिक्षितों ने विरोध करने के साथ सरकार से मांग की है कि तत्काल इस अहर्ता को समाप्त कर दिया जाय, जिससे प्रदेश के नौजवान रोजगार से वंचित न रहें।

बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष कमल रतूड़ी ने इसे सरकार की रोजगार विरोधी नीति कहा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments