Latest news
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारः महाराज आयुष्मान के बेहतरी को प्रयासों में गंभीरता जरूरीः डा धन सिंह रावत गृहमंत्री के दौरे से पहले देहरादून प्रशासन अलर्ट, डीएम ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण सारा की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित हाई पावर कमेटी ने 187.11 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को दी मंजूरी महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई देहरादून में नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन अंतिम चरण में, जल्द होगा जनता को समर्पित टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः सीएम 17 लाख से अधिक लाभार्थियों ने उठाया आयुष्मान योजना का लाभः डॉ. धन सिंह डीएम देहरादून सविन बंसल ने राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन आपूर्तिकर्ता सेंट्रल गोदाम रुड़की में क...

[t4b-ticker]

Saturday, March 7, 2026
Homeउत्तराखण्डएसएचए ने पांच अस्पतालों को आयुष्मान योजना से हटाया

एसएचए ने पांच अस्पतालों को आयुष्मान योजना से हटाया

देहरादून। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण उत्तराखंड ने आयुष्मान योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध पांच अस्पतालों की सूचीबद्धता रद्द कर दी है। इनमें तीन अस्पताल जनपद देहरादून व एक-एक पिथोरागढ़ व यूएस नगर के अस्पताल शामिल हैं। हटाए गए अस्पतालों पर विगत छह माह से आयुष्मान योजना की गतिविधियों में निष्क्रियता के चलते यह कार्रवाई हुई है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रीना जोशी आईएएस ने कहा कि आयुष्मान योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध प्रत्येक अस्पताल को मानकों के अनुरूप अनिवार्यतः कार्य करना होगा।  निष्क्रिय अस्पतालों की सूचीबद्धता समाप्त करने के लिए मानक बनाए गए हैं उसी के अनुरूप कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों में देहरादून के जीवन ज्योति क्लीनिक, मार्स हास्पिटल व श्री सिद्धी विनायक हेल्थ सेंटर को डिइंपैनल किया गया है। वहीं पिथोरागढ़ के बिष्ट हास्पिटल व उधम सिंह नगर के आई साइट सुपर स्पेशलिटी आई केयर सेंटर को आयुष्मान की सूचीबद्धता से बाहर किया गया है।
उक्त सभी गैर सूचीबद्ध हुए अस्पतालों में गत छह माह से आयुष्मान योजना की गतिविधियां शून्य रही हैं। ऐसी निष्क्रियता के कारण योजना संचालन के मानकों के अनुरूप उक्त अस्पतालों की सूचीबद्धता का कोई औचित्य नहीं रह जाता। प्राधिकरण ने पहले एक माह का नोटिस उक्त अस्पतालों को भेजा। लेकिन अस्पताल से कोई जबाब नहीं आया। नोटिस की एक माह की अवधि समाप्त होने पर प्राधिकरण ने उक्त अस्पतालों की सूचीबद्धता रद्द कर दी है। सीईओ ने कहा कि आयुष्मान योजना का समुचित लाभ अंतिम छोर पर खड़े आम लाभार्थी तक पहुंचाना प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में है। इसके लिए समय समय पर मॉनिटरिंग के साथ साथ सख्त निर्देश भी जारी किए जाते हैं। आम जन के जीवन से जुड़ी आयुष्मान योजना में किसी स्तर पर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments