Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डएन.आई.सी. ने किया “सेफर इंटरनेट डे” का आयोजन

एन.आई.सी. ने किया “सेफर इंटरनेट डे” का आयोजन

देहरादून। एन.आई.सी. उत्तराखंड द्वारा विद्यालयी शिक्षा निदेशालय के सहयोग से देहरादून में विभिन्न राजकीय विद्यालयों में “सेफर इंटरनेट डे” का आयोजन किया गया। इस विषय पर राज्य सूचना विज्ञान केंद्र (एन.आई.सी.) के अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अन्य प्रतिभागियों को साइबर क्राइम तथा साइबर जागरूकता के बारे में अवगत कराया गया । इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रायः हो रहे अनलाइन फ्रॉड एवं ए.आई. का दुरुपयोग जैसे डीपफेक एवं अन्य प्रकार के फ्रॉड से समाज को सुरक्षित करने की जागरूकता फैलाना है । इस संबंध में स्वयं तथा परिजनों को जागरूक करने की आवश्यकता है ।
भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष फरवरी माह के द्वितीय मंगलवार को “सेफर इंटरनेट डे” का आयोजन किया जाता है । इसका उद्देश्य डिजिटल दुनिया में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ट नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर इंटरनेट वातावरण को बढ़ावा देना है। यह एक अंतरराष्ट्रीय जागरूकता अभियान है जो जिम्मेदार और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को प्रोत्साहित करता है। इस वर्ष सुरक्षित इंटरनेट दिवस “स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प। ए.आई. के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग” थीम पर केंद्रित रहा। इस अवसर पर रा.बा.ई.का. राजपुर रोड तथा रा.ई.का. रायपुर में लगभग 200 तथा वर्चुअल माध्यम से 1100 से अधिक स्कूलों में लगभग 30000 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया । इसके अतिरिक्त 200 स्थानों से यू-ट्यूब लिंक के माध्यम से भी प्रतिभाग किया गया। इन कार्यशालाओं के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा विषय से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए।
विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को साइबरबुलिंग, व्यतिगत डेटा गोपनीयता, और ऑनलाइन फ्रॉड (जैसे फ़िशिंग, बैंकिंग धोखाधड़ी) के बढ़ते खतरों से बचाव के उपयोग बताए। साइबर हाइजीन तथा ए.आई. के जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों को बताया गया कि व्यक्तिगत जानकारी, तस्वीरें या अपनी लोकेशन सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने से बचें। अनजान ईमेल या मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में, साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या टॉल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत कर सकते हैं। इस अवसर पर राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी एवं उपमहानिदेशक ए. के. दधीचि तथा उनकी टीम के सदस्य राजीव जोशी, हिमांशु कुमार, पुष्पांजलि, कैलाश किमोठी, रोहित चंद्रा, शक्ति रतूड़ी, कनुप्रिय गाबा, रचना एवं सौरभ रतूड़ी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments