Latest news
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के लिए पद्मभूषण से किया गया सम्मानित फेक नैरेटिव और भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहेंः सीएम धामी मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए प्रदान की 20.79 करोड़ की वित्तीय स्वी... हल्द्वानी में 6.75 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक मीडिया सेन्टर का सीएम ने किया शिलान्यास एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा, ऋषिकेश से विकासनगर तक ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई जन अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम देने पर रहेगा फोकस, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेः डीएम डॉ. आ... मुख्य सचिव ने की प्रदेश में ऊर्जा उपलब्धता की समीक्षा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया पंचायत जनप्रतिनिधियों से संवाद मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक देहरादून को मिला नया नेतृत्वः डॉ. आशीष चौहान ने संभाली जिलाधिकारी की कमान

[t4b-ticker]

Monday, May 25, 2026
Homeउत्तराखण्डजाइका वित्तपोषित उत्तराखण्ड एकीकृत बागवानी विकास परियोजना उच्चाधिकार समिति की बैठक आयोजित

जाइका वित्तपोषित उत्तराखण्ड एकीकृत बागवानी विकास परियोजना उच्चाधिकार समिति की बैठक आयोजित

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में जाईका वित्तपोषित उत्तराखण्ड एकीकृत बागवानी विकास परियोजना से सम्बन्धित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रदेश के लिए संपूर्ण बागवानी योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उन्नत बागवानी की अपार संभावनाएं हैं। इसे दृष्टिगत रखते हुए योजनाएँ तैयार की जाएँ।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में कुल बागवानी क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र बढ़ाने के लिए किसानों को हैंड होल्डिंग, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को अधिक से अधिक ग्राफ्टिंग तकनीक का प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है, ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके।
मुख्य सचिव ने उत्पादन बढ़ाये जाने के लिए क्लस्टर एप्रोच अपनाये जाने की बात कही। कहा कि उत्पादन बढ़ाने के साथ ही दिशा सप्लाई चौन विकसित करने और कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बागवानी उत्पादन को बढ़ाये जाने के लिए उन्नत किस्में और क्षेत्र विस्तार पर फोकस किए जाने की बात कही। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजनाओं में डुप्लीकेसी ना हो, यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट पूर्ण होने के उपरांत भी किसानों को सहायता उपलब्ध कराये जाने हेतु उद्यान विभाग की भूमिका सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर सचिव एस.एन. पाण्डेय एवं डीजी उद्यान वंदना सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments