Latest news
श्रमिकों के हित सर्वोपरि, टीएचडीसी टनल हादसे की समीक्षा में आयुक्त ने दिए निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईआर पर की समीक्षा स्वतंत्रता सेनानियों और युद्ध वीरों को किया नमन मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम ने की अहम बैठक एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ अतिक्रमण, अवैध फैक्ट्री और आपदा कार्यों में अनियमितता पर डीएम सख्त, अधिकारियों को दिए जांच के निर्दे... जल जीवन मिशन के ठेकेदारों का ढाई वर्षों से लंबित देयकों का भुगतान शीघ्र किए जाएः अग्रवाल उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी युवा आयोग की स्थापना से साकार होगी समृद्ध उत्तराखंड की संकल्पनाः भट्ट राष्ट्रीय राजमार्ग का बडा हिस्सा धंसने से ट्रक फंसा

[t4b-ticker]

Monday, August 24, 2026
Homeउत्तराखण्डजाइका वित्तपोषित उत्तराखण्ड एकीकृत बागवानी विकास परियोजना उच्चाधिकार समिति की बैठक आयोजित

जाइका वित्तपोषित उत्तराखण्ड एकीकृत बागवानी विकास परियोजना उच्चाधिकार समिति की बैठक आयोजित

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में जाईका वित्तपोषित उत्तराखण्ड एकीकृत बागवानी विकास परियोजना से सम्बन्धित उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रदेश के लिए संपूर्ण बागवानी योजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उन्नत बागवानी की अपार संभावनाएं हैं। इसे दृष्टिगत रखते हुए योजनाएँ तैयार की जाएँ।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में कुल बागवानी क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में कार्य किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र बढ़ाने के लिए किसानों को हैंड होल्डिंग, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को अधिक से अधिक ग्राफ्टिंग तकनीक का प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है, ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके।
मुख्य सचिव ने उत्पादन बढ़ाये जाने के लिए क्लस्टर एप्रोच अपनाये जाने की बात कही। कहा कि उत्पादन बढ़ाने के साथ ही दिशा सप्लाई चौन विकसित करने और कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बागवानी उत्पादन को बढ़ाये जाने के लिए उन्नत किस्में और क्षेत्र विस्तार पर फोकस किए जाने की बात कही। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजनाओं में डुप्लीकेसी ना हो, यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट पूर्ण होने के उपरांत भी किसानों को सहायता उपलब्ध कराये जाने हेतु उद्यान विभाग की भूमिका सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर सचिव एस.एन. पाण्डेय एवं डीजी उद्यान वंदना सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments