Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डराशन कार्ड धरकों को जून माह से कम मिलेगा गेहूं का कोटा...

राशन कार्ड धरकों को जून माह से कम मिलेगा गेहूं का कोटा जबकि चावल मिलेंगे ज्यादा

देहरादून : केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सितंबर तक आवंटित होने वाले उत्तराखंड के गेहूं का कोटा घटा दिया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों के राशनकार्ड धारकों को अब अगले महीने से गेहूं कम और चावल ज्यादा मिलेगा।

इसके तहत प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत 14 लाख से अधिक अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों के राशनकार्ड धारकों को अगले महीने से प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं के स्थान पर मात्र एक किलो गेहूं मिलेगा। जबकि चावल दो किलो के स्थान पर चार किलो मिलेगा।

केंद्र सरकार की ओर से कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत आवंटित किए जाने वाले गेहूं की मात्रा को कम कर दिया गया है। खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा है कि गेहूं के घटे हुए कोटे की भरपाई चावल से की जाएगी।

कुछ राज्यों को मुफ्त वितरण के तहत गेहूं नहीं मिलेगा। जबकि उत्तराखंड, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के लिए कोटा कम कर दिया गया है। इसकी वजह गेहूं की कम खरीद होना बताया गया है। बताया गया है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात में किसानों से इस बार गेहूं की कम खरीद हुई है। इन राज्यों में किसानों को खुले बाजार में व्यापारियों से अपनी उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिले हैं। जबकि पंजाब, हरियाणा, यूपी में उत्पादन भी कम हुआ है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments