Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डआदिपुरुष को लेकर संत नाराज, फिल्म पर रोक लगाने की मांग

आदिपुरुष को लेकर संत नाराज, फिल्म पर रोक लगाने की मांग

हरिद्वार: आदिपुरुष फिल्म को लेकर हरिद्वार का संत समाज नाराज है। उनके द्वारा फिल्म पर रोक लगाने की मांग की गई है। उन्‍होंने फिल्म सेंसर बोर्ड पर कार्रवाई की मांग भी की है। संतों का कहना है कि पिछले काफी समय से फिल्मों के जरिए सनातन पर प्रहार किया जा रहा है और हमारी धार्मिक विरासत को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिल्म में भगवान राम और हनुमान के साथ-साथ माता सीता के चरित्र को भी गलत तरह से प्रस्तुत किया गया है। यहां तक कि फिल्म के डायलॉग भी असभ्य भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं जो कि भगवान राम-सीता और हनुमान के चरित्र से बिल्कुल भी मेल नहीं खाते।

महामंडलेश्वर प्रबोध आनंद गिरि ने आरोप लगाया कि इन्हें देखकर प्रतीत होता है कि फिल्म के जरिए रामायण के साथ-साथ भगवान राम, सीता और हनुमान के चरित्र को ठेस पहुंचाने की नियत प्रस्तुत की गई है। कहा की फिल्म सेंसर बोर्ड इस तरह की फिल्मों को तो तत्काल पास कर देता है जबकि अन्य धर्म की फिल्म पर उसका आचरण कुछ और ही होता है।आरोप लगाया कि इससे पता चलता है कि फिल्म सेंसर बोर्ड में भी सनातन विरोधी मानसिकता के लोग भरे हुए हैं जो कि हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम कर रहे हैं। ‌

उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म पर रोक के अलावा और कोई बात नहीं होगी। कहा जा रहा है कि डायलॉग बदलकर फिल्म को प्रस्तुत किया जाएगा, वह भी गलत है। ‌उन्‍होंने केंद्र सरकार से मांग की कि ऐसी फिल्मों का प्रदर्शन तत्काल प्रभाव से रोक देना चाहिए और फिल्म बनाने वाले, डायलॉग लिखने वाले और सेंसर बोर्ड के लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments