Latest news
पुल के अधूरे निर्माण से बनी बाढ़ की स्थिति, गुस्साए लोगों ने एई के मुंह पर पोती मिट्टी अल्मोड़ा भाजपा ने तैयार किया सेवा और संगठन की मजबूती का रोडमैप गढ़वाल सभा का दस दिवसीय उत्तराखंड कौथिग 24 अक्टूबर से दून में होगा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने लिया मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में सर्राफ मंडल की एग्जीबिशन का किया अवलोकन हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगाः सीएम युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण

[t4b-ticker]

Monday, September 7, 2026
Homeउत्तराखण्डमुख्य सचिव ने की स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए...

मुख्य सचिव ने की स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक

देहरादून: मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूह सृजित कर क्लस्टर आधारित रोजगार प्रदान कर सकते हैं।

शुक्रवार को सचिवालय में हुई बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को कार्यों का परिसीमन न करके पूर्ण स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। स्वयं सहायता समूहों को मात्र उत्पादन और वितरण जैसे कार्यों में न लगा कर सर्विस सेक्टर से भी जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बनाने का उद्देश्य आजीविका प्रदान करना है।

डॉ. संधु ने कहा कि उत्तराखण्ड में बहुत से उत्पाद अन्य बाहरी राज्यों से आयातित किए जा रहे हैं। ऐसे उत्पादों को चिन्हित कर स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादित कर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने की भी बात कही। साथ ही उत्पादों का वैल्यू एडिशन कर उत्पादों में विविधता लायी जानी चाहिए। उन्होंने विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन कर उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न राज्यों में स्वयं सहायता समूहों को आजीविका से जोड़ने के लिए की जा रही गुड प्रैक्टिसेज का अध्ययन कर प्रदेश में लागू किए जाने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कार्यों को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से कराए जाने पर विचार अवश्य किया जाए।

मुख्य सचिव ने ‘स्वयं सहायता समूहों’ को मजबूत करने के लिए मार्केटिंग, बाजार उपलब्ध कराए जाने के साथ ही उत्पादों का संग्रहण और ट्रांसपोर्टेशन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिरुल के ब्रिकेट्स को खाना बनाने के ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके उत्पादन और वितरण में स्वयं सहायता समूहों की सहायता लेकर इस योजना का संचालित किया जा सकता है। इससे एक और जहां जंगलों से पिरूल हटाकर जंगलों को जलने से बचाया जा सकेगा वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों को रोजगार मिलेगा।

इस अवसर पर सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी एवं डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम सहित सम्बन्धित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहें।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments