Latest news
उत्तराखण्ड में एसआईआर की शुरुआत, राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने भरे गणना फार्म सेतु आयोग के सीईओ ने राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन से संबंधित विषयों पर की चर्चा समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं 194 जन शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के दिए सख्त निर्देश कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पर नगर आयुक्त ने कसी नकेल विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में सबका सहयोग जरूरीः मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सच हो रहा विकसित भारत का संकल्पः सीएम मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सीएम धामी को सौंपा गणना फॉर्म सीएम ने जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह में प्रतिभाग किया नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री

[t4b-ticker]

Tuesday, June 9, 2026
Homeउत्तराखण्डउत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने मदरसा संचालकों के साथ बैठक की

उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने मदरसा संचालकों के साथ बैठक की

देहरादून। 60 सालों में कांग्रेस ने देश के मुसलमानों को पीछे धकेला है। शिक्षा से लेकर हर मोर्चे पर मुसलमानों को मुख्य धारा से दूर रखा गया। कांग्रेस के समय में देश के मुसलमानों की तरक्की नहीं हो रही थी। 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग को राष्ट्रवाद और मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है। बुधवार को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने मदरसा संचालकों व शिक्षकों के साथ बैठक में ये बात कहीं।
भगत सिंह कालोनी स्थित मदरसा शिक्षा परिषद देहरादून उत्तराखंड कार्यालय के सभागार में मदरसा बोर्ड अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि गौरक्षा, गंगा और हिमालय हमारी धरोहर हैं। मदरसा शिक्षकों और संचालकों को अपनी धरोहर को सुरक्षित रखने के लिए और राष्ट्रीय कार्यक्रम टीकाकरण अभियान में हिस्सा लेना चाहिए। जिसके लिए मुस्लिम परिवारों को प्रेरित भी करना चाहिए।
उन्होंने कहा आयुष्मान योजना, प्रधान आवास योजना, मुफ्त अन्न योजना सहित कई योजनाओं से देश की जनता आज लाभान्वित हो रही है। उत्तराखंड में मदरसों में असमाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए तस्वीर बदलनी होगी। जिससे मदरसों को लेकर सभी की सोच सकारात्मक होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को समझें, मदरसों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए स भी को सामने आना होगा। मुख्यमंत्री बिना भेदभाव के सबका साथ सबका विश्वास के साथ समाज के सभी वर्ग की तरक्की करना चाहते हैं। उत्तरकाशी सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बिना भेदभाव के प्राथमिकता के साथ उन्हें निकलवाया। वो मात्र 41 लोग नहीं थे, बल्कि 41 परिवार थे। बिना डर के सामने आएं और हमारी कौम के बच्चों का भविष्य बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएं। योग और नमाज में कोई अंतर नहीं है, नमाज के साथ योग भी करें। सभी धर्मों की शिक्षा लेने में भी परहेज ना करें। हमारे मदरसों के छात्रों वेदों को भी पढ़ना चाहिए।
मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि मदरसा शिक्षा में पारदर्शिता, गुणवत्ता और मदरसों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के  प्रयास कर रहे है। इन्हीं सब अहम मुद्दों को लेकर बैठक में चर्चा हुई। देवभूमि के मदरसों का विकास का बुनियादी ढांचा विकसित किया जाना बेहद आवश्यक है। देव भूमि के मदरसे देश में प्यार अमन भाईचारे की मिसाल बन सके  मदरसों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की योजना  मुस्लिम बच्चों को औपचारिक शिक्षा-विषयों में राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली के मानक प्राप्त करने में सक्षम बनाने में समर्थ बन सकें। इस दौरान मौलाना अब्दुल कलाम, मुफ्ती मोहम्मद अहसान, जमील अहमद, यूसुफ खान, मौलाना शाहनजर सहित अन्य मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments