Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्ड29 लाख रुपये का गबन करने वाले पूर्व एआरटीओ के खिलाफ चार्टशीट...

29 लाख रुपये का गबन करने वाले पूर्व एआरटीओ के खिलाफ चार्टशीट की अनुमति

देहरादून: गबन के मामले में जेल में बंद पूर्व एआरटीओ आनंद जायसवाल के खिलाफ विजिलेंस ने चार्जशीट तैयार कर ली है। इस क्रम में मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु की अध्यक्षता में हुई सतर्कता समिति की बैठक में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने की अनुमति मिल गई है। हालांकि, अभी लिखित अनुमति विजिलेंस के पास नहीं पहुंची है। 

एआरटीओ पर करीब 29 लाख रुपये के गबन का आरोप है। विजिलेंस ने मामले की प्राथमिक जांच के बाद 18 मार्च 2017 को धोखाधड़ी, गबन, भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज किया था। करीब छह घंटे पूछताछ के बाद छह सितंबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। विजिलेंस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम, धोखाधड़ी और गबन के आरोप में चार्जशीट तैयार की है। 

पद का किया गलत इस्तेमाल

आनंद जायसवाल वर्ष 2009 के बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। उनपर आरोप है कि परिवहन विभाग में नियुक्ति मिलते ही उन्होंने पद का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया था। वर्ष 2010 से 2015 के बीच ऋषिकेश में परिवहन कर अधिकारी के साथ एआरटीओ का अतिरिक्त प्रभार संभाला। दोहरी जिम्मेदारी का लाभ उठाते हुए उन्होंने चालान की अधिक राशि वसूली और पूरा राजस्व सरकार को नहीं दिया। एक-एक हजार रुपये के चालान कर कोष में महज 100-100 रुपये दिखाए। उन्होंने कुल 29 लाख रुपये का गबन किया था।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments