Latest news
युवा आयोग की स्थापना से साकार होगी समृद्ध उत्तराखंड की संकल्पनाः भट्ट राष्ट्रीय राजमार्ग का बडा हिस्सा धंसने से ट्रक फंसा श्रमिकों के हितों को लेकर संवेदनशील सरकारः मंत्री मदन कौशिक चमोली में टनल हादसे में रेस्क्यू अभियान तेज मेडटेक कंपनी सनफॉक्स टेक्नोलॉजीज ने नए इनोवेशन हब का उ‌द्घाटन किया मुख्यमंत्री ने जीआईसी लाखनमंडी में क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुना हवलदार पंकज की तलाश के लिए मुख्यमंत्री ने दिए प्रभावी निर्देश रिकॉर्ड सरकारी नौकरियों के बाद युवाओं के लिए कौशल और उद्यमिता पर जोर स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य सचिव ने सुशासन, विकसित उत्तराखण्ड और हिमालय संरक्षण का लिया संकल्प आयुक्त कैंप कार्यालय में मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने किया ध्वजारोहण

[t4b-ticker]

Monday, August 17, 2026
Homeउत्तराखण्डमुख्यमंत्री ने किया ऊर्जा संचय समागम कार्यक्रम को वचुअर्ली संबोधित

मुख्यमंत्री ने किया ऊर्जा संचय समागम कार्यक्रम को वचुअर्ली संबोधित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार की सायं परमार्थ निकेतन ऋषिकेश में आयोजित तीन दिवसीय ऊर्जा संचय समागम कार्यक्रम को वचुअर्ली संबोधित किया। उन्होंने इस आयोजन में पधारे आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री स्वामी अरुण आनंद सहित अन्य संत महात्माओं का स्वागत करते हुए इस समागम को आध्यात्मिक ऊर्जा को जन-जन पहुंचाने वाला प्रयास तथा व्यक्ति की आध्यात्मिक शक्ति को प्रभु की शक्ति के साथ एकीकृत करने वाला प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि यह समागम मानव मात्र को अपने भौतिक जीवन में मन कर्म वचन से आत्मज्ञान की दीक्षा देने में भी मददगार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे संत महात्माओं ने अपने ज्ञान से मानव मात्र को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है। सद्भावना के मार्ग का अनुश्रवण कर राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान व सम्मान विश्व में बढ़ा है। भारत अपने पुरातन गौरव को प्राप्त कर विश्व गुरू बनने की राह में आगे बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूरा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के आध्यात्मिक स्वरूप को बनाये रखने के लिए अनेक निर्णय लिए गए हैं। उत्तराखंड के नागरिक के हित में समान नागरिक संहिता विधेयक लागू किया गया। इससे सभी को समान अधिकार मिलेंगे। उत्तराखंड में जबरन धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिये सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया। राज्य में लैंड जिहाद को रोकने के लिए 500 है0 भूमि अतिक्रमण से मुक्त करायी गई है। नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया गया है। प्रदेश में दंगारोधी कानून लागू किया गया है। अब दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही दंगे में होने वाली सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई भी दंगाइयों से ही की जाएगी। अब राज्य के अन्दर अथवा राज्य के बाहर कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था किसी समिति अथवा ट्रस्ट का गठन कर राज्य के चार धामों एवं प्रमुख मंदिरों के नाम पर समिति अथवा ट्रस्ट का गठन नहीं कर पायेगा। उत्तराखण्ड आध्यात्मिक संस्कृति का केंद्र बने तथा युवा अपनी प्राचीन सनातन संस्कृति से जुड़े इसके लिए राज्य के विश्वविद्यालयों में हिंदू संस्कृति के अध्यनन की व्यवस्था की गई है। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द मुनी, आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री तथा स्वामी अरूण आनंद ने मुख्यमंत्री द्वारा राज्य हित में लिए निर्णयों के प्रति उनकी सराहना की तथा उन्हें साधुवाद दिया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments