Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Thursday, April 23, 2026
Homeउत्तराखण्डमुख्य सचिव ने ली जल स्रोत एवं नदी पुनरोद्धार प्राधिकरण की बैठक

मुख्य सचिव ने ली जल स्रोत एवं नदी पुनरोद्धार प्राधिकरण की बैठक

देहरादून। मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में जल स्रोत एवं नदी पुनरोद्धार प्राधिकरण (सारा) की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड एक पर्वतीय प्रदेश होने के कारण मानसून सीजन के 3 महीनों में प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली वर्षा का लगभग 90 प्रतिशत जल नदियों में बह जाने के कारण किसी भी प्रयोग में नहीं आ पाता और पर्वतीय क्षेत्रों में बाकी महीनों में पानी की कमी बनी रहती है। मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा के जल को लाखों की संख्या में चेकडैम बनाकर संग्रहित कर भूजल को बढ़ाया जा सकता है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में सूख रहे जलस्रोतों को रिचार्ज किए जाने में सहायता मिलेगी, साथ ही, पर्वतीय क्षेत्रों के जल स्रोतों एवं नदियों में वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भूभाग का 70 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र है, इसलिए वन विभाग को इसके लिए महत्त्वपूर्ण एवं एक्टिव भूमिका निभानी होगी।
मुख्य सचिव ने सारा को चेक डैम बनाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि मास्टर प्लान में प्राथमिकता को पहले से निर्धारित किया जाए। बिना समस्या वाले ऐसे स्थान जहां कम से कम तैयारी में तुरन्त कार्य शुरू किया जा सकता उनको प्राथमिकता में रखा जाए। उन्होंने कहा कि अगले 1 साल, 2 साल, 5 साल और 10 साल के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए लक्ष्य के अनुसार योजना की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा प्रत्येक नदी के लिए अधिकारी नियुक्त कर ऐसे स्थानों को चिन्हित कर प्रदेश को सैचुरेट किया जाए जहां नदी की स्प्रिंग में चेक डैम बनाकर पानी का संग्रहण किया जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि सारा  के कुल बजट का 70-80 प्रतिशत खर्च चेक डैम पर खर्च किया जाए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, जलागम प्रबन्धन से नीना ग्रेवाल सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments