Latest news
यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज महासंघ ने दिया ज्ञापन केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया 1129.91 करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारः महाराज आयुष्मान के बेहतरी को प्रयासों में गंभीरता जरूरीः डा धन सिंह रावत गृहमंत्री के दौरे से पहले देहरादून प्रशासन अलर्ट, डीएम ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण सारा की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित हाई पावर कमेटी ने 187.11 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को दी मंजूरी महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई

[t4b-ticker]

Saturday, March 7, 2026
Homeउत्तराखण्डमानसिक रूप से कमजोर नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म

मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म

-ग्राम प्रधान समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

रुद्रप्रयाग: रेगुलर पुलिस ने मानसिक रूप से कमजोर एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में ग्राम प्रधान समेत तीन व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।  मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने इसकी जांच राजस्व पुलिस से हटा कर रेगुलर पुलिस को सौंप दी थी। इसके बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस पूरे साक्ष्य जुटाने में लग गयी है।

मिली जानकारी के अनुसार जखोली विकासखंड के गांव निवासी नाबालिग 23 अगस्त को जंगल में गाय चराने के लिए गई थी। पीड़ित नाबालिग मानसिक रूप से कमजोर है। नाबालिग के मानसिक रूप से कमजोर होने का  फायदा उठाकर ग्राम प्रधान समेत तीन आरोपितों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

नाबालिग ने घटना की जानकारी घर आने पर स्वजन को दी। नाबालिग के पिता इस घटना से सन्न रह गए और उन्होंने तत्काल इसकी तहरीर पटवारी को दी, जिसमें तीन आरोपितों को नामजद किया गया। पटवारी ने 25 अगस्त को मामला दर्ज किया और 26 अगस्त को मेडिकल कराकर अदालत में पीड़ित नाबालिग के बयान दर्ज कराए। इसी दिन पटवारी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे मामले को रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर मामला रेगुलर पुलिस रुद्रप्रयाग कोतवाली को हस्तांतरित किया गया। पुलिस उपाधीक्षक प्रमोद कुमार घिल्डियाल ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित कर विवेचना की जा रही है। पुलिस हर तथ्य और साक्ष्य जुटा रही है।

बता दें कि एक साल बाद फिर से पटवारी पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा सवाल उठा है। रुद्रप्रयाग में एक युवती से दुष्कर्म का मामला इस एक सदी पुरानी व्यवस्था की भेंट चढ़ने वाला था। सात दिनों तक इसे दबाने का भरपूर प्रयास हुआ, लेकिन परिजनों की जागरूकता के चलते केस को रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर करना पड़ा। एक साल से इस व्यवस्था को खत्म करने का प्रयास चल रहा है, लेकिन अब भी बहुत बड़ा हिस्सा पटवारी क्षेत्र के पास ही है।

गौरतलब है कि  पिछले साल पौड़ी जिले में चर्चित अंकिता हत्याकांड मामले में भी पटवारी पुलिस चार दिनों तक कुछ नहीं कर पाई थी। स्थानीय लोगों का जब गुस्सा बढ़ा तो प्रशासन को इस मामले को रेगुलर पुलिस को देना पड़ा। लेकिन, तब तक बहुत से साक्ष्य नष्ट हो गए थे। जांच एसआईटी के पास गई और फिर छह दिन बाद अंकिता की लाश बरामद हुई। इसके बाद इस पुरानी व्यवस्था को खत्म करने की बात शुरू हो गई। हाईकोर्ट ने भी इस मामले में शासन को सख्त निर्देश दिए थे। इस पर शासन ने पुलिस को सर्वे करने के निर्देश दिए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments