Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डबाघों का लगातार बढ़ रहा कुनबा, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

बाघों का लगातार बढ़ रहा कुनबा, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

देहरादून। तराई की जंगलों में बाघों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। ऐसे में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। बात हल्द्वानी के तराई पूर्वी वन विभाग की करें तो मानव वन्यजीव संघर्ष की दृष्टि से अति संवेदनशील है। तराई पूर्वी वन प्रभाग के जंगल में करीब 53 बाघों की मौजूदगी दर्ज की गई है। ऐसे में वन विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि कोई भी व्यक्ति अनावश्यक जंगल में प्रवेश न करें।
बाघों की बढ़ती जनसंख्या वाइल्डलाइफ की दृष्टि से बेहतर माना जा रहा है तो वहीं वन विभाग के लिए भी चुनौती भी है। बात मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना की करें तो पिछले डेढ़ सालों में तराई पूर्वी के जंगलों के बाघों ने नौ लोगों को अपना निवाला बनाया है। आंकड़ों की बात करें तो साल 2022-23 में बाघों ने 7 लोगों को अपना निवाला बनाया, जबकि तीन लोग घायल हुए। साल 2023-24 में अभी तक दो लोगों को बाघों ने अपना निवाला बनाया है, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। 2 दिन पहले खटीमा रेंज जंगल में लकड़ी लेने गई महिला को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। ऐसे में वन विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। वन विभाग का कहना है कि जंगलों में लगातार बाघों के साथ-साथ अन्य वन्य जीवों की संख्या बढ़ रही है।
ऐसे में अनावश्यक रूप से कोई भी व्यक्ति जंगल में प्रवेश न करें। जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को जन जागरूकता के माध्यम से बताया जा रहा है कि जंगल में अनावश्यक प्रवेश न करें। आवश्यकता पड़ने पर समूह के साथ जंगल में प्रवेश करें। इसके अलावा वन विभाग की टीम को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बाघों के संवेदनशील क्षेत्र में कैमरा ट्रिप लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे कि बाघों की मोमेंट की जानकारी मिल सके। इसके अलावा अपील की गई है कि जंगल क्षेत्र के आसपास में सुबह 7 बजे से शाम 5 के बाद कोई भी व्यक्ति आवागमन ना करें। प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति आवश्यक रूप से जंगल में प्रवेश करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।लोगों को हिदायत दी गई है कि जंगल में वन्य जीवों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में जलौनी लकड़ी काटने या किसी अन्य काम के लिए जंगल में प्रवेश न करें।
/

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments