Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeराष्ट्रीयराष्ट्रपति चुनाव में 64 फीसदी वोट पाकर द्रौपदी मुर्मू ने ...

राष्ट्रपति चुनाव में 64 फीसदी वोट पाकर द्रौपदी मुर्मू ने बड़ी जीत की हासिल

देहरादून: द्रौपदी मुर्मू ने 64 फीसदी वोट पाकर राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। उन्हें यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों से बंपर समर्थन मिला है। यही नहीं देश भर से 126 विधायकों और 17 सांसदों ने अपनी पार्टी लाइन से अलग हटकर उनके लिए क्रॉस वोटिंग भी की है।

वहीं, देश के 4 राज्य ऐसे भी रहे हैं, जहां उन्हें अधिकतम 12.5 फीसदी वोट ही मिले हैं। मुर्मू को सबसे कम वोट 0.7 फीसदी केरल मिले हैं| यहां उन्हें एकमात्र विधायक ने वोट दिया। इसके अलावा तेलंगाना में भी द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में महज 2.6 फीसदी वोट ही पड़े। बता दें, यहां टीआरएस की बड़े बहुमत के साथ सरकार है, जिसके नेता के. चंद्रशेखर राव ने यशवंत सिन्हा का समर्थन करने का ऐलान किया था। 

इसके अलावा पंजाब में भी मुर्मू को 7.3 फीसदी ही वोट मिले, यहां आम आदमी पार्टी की सरकार है। इसके अलावा कांग्रेस के विधायकों ने भी यशवंत सिन्हा को ही वोट डाले और किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग नहीं हुई।

ऐसा ही हाल दिल्ली का रहा है, जहां द्रौपदी मुर्मू 12.5 फीसदी वोट ही हासिल कर पाईं। तमिलनाडु जैसे राज्य में भाजपा की स्थिति काफी कमजोर है, लेकिन यहां पर मुर्मू को 31 फीसदी वोट मिले। इसकी वजह एआईएडीएमके की ओर से मिला समर्थन है।

हालांकि दक्षिण भारत में भाजपा के लिए स्थिति 50-50 जैसी रही। केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में भले ही द्रौपदी मुर्मू को कम वोट मिले, लेकिन आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में उन्हें बंपर समर्थन मिला। आंध्र में तो उन्हें 100 फीसदी वोट मिले हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments