Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डजंगली जानवरों के उत्पात से परेशान, हर्षिल के सेब काश्तकारों ने अंतर्राष्ट्रीय...

जंगली जानवरों के उत्पात से परेशान, हर्षिल के सेब काश्तकारों ने अंतर्राष्ट्रीय सेब महोत्सव प्रदर्शनी में सेब न देने का लिया निर्णय

उत्तरकाशीः सरकार द्वारा आयोजित उद्यान सचल दल के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय सेब महोत्सव के तहत देहरादून में लगने वाली सेब प्रदर्शनी का उत्तरकाशी जिला हर्षिल के उपला टकनौर के सेब काश्तकारों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि जंगली जानवरों के द्वारा सेब के पेड़ों को लगातार नुकसान पहुचाया जा रहा है। वहीं सी.ए सेंटर को भी इस वर्ष शुरु नहीं किया गया है। जिसको लेकर नाराज चल रहे यहां के ग्रामींणें ने सरकार द्वारा 24 से 26 सितंबर तक देहरादून में लगाई जाने वाली इस सेब प्रदर्शनी में सेब नहीं देने का निर्णय लिया है।

उत्तरकाशी जिले के हर्षिल क्षेत्र से उपला टकनौर जन कल्याण ट्रस्ट ने हर्षिल, उत्तरकाशी के उद्यान सचल दल के प्रभरी को पत्र लिखकर प्रदर्शनी में सेब नहीं देने की बात कही है।

प्रभारी को लिखे पत्र में उपला टकनौर के सेब काश्तकारों ने कहा है कि जंगली जानवर भालू, लंगूर, तोता जैसे जानवरों ने उनके सभी आठ गांवों में सेब के पेड़ों को भारी नुकसान पहुचाया है। वहीं ग्रमसभा झाला स्थित सी.ए. सेंटर को इस वर्ष सुचारु रुप से शुरु नहीं किया गया है। जिस कारण सेब काश्तकारों का सरकार के प्रति रोष बना हुआ है। इसी रोष के चलते सभी ग्रामींणों ने प्रदर्शनी में सेब नहीं देने का निर्णय लिया है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments