Latest news
23 अक्टूबर से उत्तराखण्ड में फिर मौसम के करवट लेने के आसार देहरादून में पहली बार नए और भव्य परिसर में होगा विरासत महोत्सव पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम धामी ने की कई घोषणाएं, 1600 पदों को जल्द भरने का ऐलान स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के तह्त शहर में चला विशेष सफाई अभियान, 40 टन कूड़ा उठाया गया राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर किया हवन एवं कन्या पूजन सिमोग में दशहरा पर्व समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री महाराज पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईंः सीएम मुख्यमंत्री बन्नू बिरादरी द्वारा परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव में हुए शामिल

[t4b-ticker]

Thursday, October 22, 2026
Homeउत्तराखण्डमैं प्रोफेसर रही हूँ, इसलिए सदन में अनुशासन को ही प्राथमिकता देना पसंद...

मैं प्रोफेसर रही हूँ, इसलिए सदन में अनुशासन को ही प्राथमिकता देना पसंद करुँगी: विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण

देहरादून: चार दिन के विधानसभा सत्र में बतौर विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने अपने अलग अंदाज से छाप छोड़ी है। उनका कहना है कि वह प्रोफेसर रही हैं, इसलिए सदन में भी अनुशासन को ही प्राथमिकता देना पसंद करती रहेंगी।

विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण के लिए विधानसभा का यह सत्र एक नया अनुभव था। उन्होंने अनिश्चितकाल के लिए सत्र स्थगित होने के बाद खुलकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उनका मकसद था कि सत्र ज्यादा से ज्यादा समय तक चले।

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को बजट पर अच्छी चर्चा हो सकती थी। कई नए विधायक हैं, उन्हें बोलने का बेहतर मौका मिल सकता था। हालांकि चर्चा नहीं हो पाई।

उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष पर कोई टिप्पणी तो नहीं करूंगी लेकिन उन्हें भी आत्मचिंतन की जरूरत है। जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष के बीच वह एक प्रोफेसर जैसी भूमिका के तौर पर चर्चित हैं तो उन्होंने कहा कि वह प्रोफेसर रही हैं। वह चाहती हैं कि सदन में भी अनुशासन रहे। प्रदेश के हर विधायक को अपनी बात रखने का मौका मिले।

उन्होंने कहा कि इस सत्र से उन्हें भी काफी कुछ सीखने को मिला है। नए विधायकों को देखकर खुशी हुई कि उनकी सहभागिता बहुत अच्छी थी। हमारी कोशिश अगले सत्र में रहेगी कि हम और अधिक सवाल लें, और अधिक विधायकों को बोलने का मौका दें।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments