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Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डभारतीय सेना का इतिहास विशिष्ट, उच्च स्तर और गौरवशाली: राज्यपाल

भारतीय सेना का इतिहास विशिष्ट, उच्च स्तर और गौरवशाली: राज्यपाल

देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को राजभवन ऑडिटोरियम में ओहो रेडियो और दून डिफेंस ड्रीमर्स द्वारा आयोजित ‘‘जय हिन्द.. एक फौजी ऐसा भी’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। भारतीय सेना के वीर सैनिकों पर आधारित इस कार्यक्रम में उनके शौर्य, साहस और बलिदान की अमर गाथाओं को लघु फिल्म के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इस दौरान विभिन्न अवसरों पर अपनी बहादुरी से दुश्मनों को परास्त करने वाले देश के गौरव सैनिकों और उनकी शौर्यगाथा को प्रर्दशित किया गया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आईटीबीपी के जवान अर्जुन खेड़ियाल ने तेरी मिट्टी में मिल जावां, गुल बनके मैं खिल जावां… के गाने ने सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

शुक्रवार को आयोजित ओहो रेडियो द्वारा आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने भारतीय सेना की सेवाओं के दौरान अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा ओहो रेडियो द्वारा अपने बहादुर सैनिकों को याद और नमन करने के लिए प्रारंभ किया गया यह कार्यक्रम सराहनीय है। कहा कि भारतीय सेना का इतिहास विशिष्ट, उच्च स्तर का और गौरवशाली रहा है। भारतीय सेना की शौर्य गाथाएं किसी भी भारतीय का सीना गर्व से भर देती है। भारतीय सैनिकों के शौर्य, साहस, पराक्रम और बलिदान की गाथाएं सदियों से गाई जाती रही हैं। यह गाथाएं इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि एक सैनिक और उसका परिवार हमेशा देश सेवा के लिए कार्य करता है, और वह राष्ट्र प्रथम की भावना से अभिप्रेरित रहता है।

राज्यपाल ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमने भारत जैसे महान देश में जन्म लिया है। कई वर्षों की गुलामी के बाद विगत 76 वर्षों में भारत अपने सामर्थ्य से विकसित राष्ट्र और विश्व गुरु की प्रतिष्ठा को प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। आज पूरे विश्व में भारत और भारतीयों के प्रति आदर और सम्मान का भाव है। हमें याद रखना चाहिए कि जब हम आजाद हुए तो हमारे सामने कई चुनौतियां थीं, लेकिन सभी चुनौतियों का सामना हमारे देश ने मजबूती से किया और भारत विश्व का तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं।

उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे हमेशा बड़े सपने देखें और उन सपनों को पूरा करने के लिए संकल्प लें, ऐसा संकल्प जिसका कोई विकल्प न हो। उन्होंने कहा कि अपने आपको अपनी प्रेरणा बनाएं और कड़ी मेहनत व लगन से राष्ट्र और समाज के लिए कुछ न कुछ अवश्य योगदान देने का प्रयास करें। उन्होंने बच्चों को टेक्नोलॉजी, एआई जैसे आधुनिक तकनीकों को अपनाने को कहा। कार्यक्रम में राज्यपाल ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं अन्य लोगों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के जवाब दिए। कार्यक्रम में ओहो रेडियो के आरजे काव्या, मोनिका सहित स्कूलों के बच्चे और अन्य लोग उपस्थित रहे।

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