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Thursday, July 23, 2026
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करन माहरा ने बदरीनाथ विधायक व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर जिम्मेदारी ठीक से न निभाने का लगाया आरोप

देहरादून: जोशीमठ में हो रहे भू-खलन को लेकर करन माहरा का बड़ा बयान सामने आया हैं| उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि बनभूलपुरा और जोशीमठ की घटनाओं ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। दोनों ही घटनाओं में राज्य की धामी सरकार ने असंवेदनशीलता का परिचय दिया है। माहरा ने तत्कालीन बदरीनाथ विधायक व वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाने का आरोप लगाया हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में जब भाजपा की सरकार थी, तब भट्ट बदरीनाथ के विधायक थे। उन्होंने ऐसा कोई प्रयास नहीं किया, जिससे जोशीमठ का संरक्षण किया जा सके।

शुक्रवार को कांग्रेस भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि जोशीमठ में वर्ष 1976 से ही कहा जा रहा कि वह कमजोर पर्वतीय भूभाग में स्थापित है, जो वर्तमान में सिस्मिक जोन चार में आता है। समय-समय पर गठित समितियों ने जोशीमठ में सीमित निर्माण कार्यों को ही स्वीकृति देने की बात कही।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में एनटीपीसी की ओर से वहां जिस तरह से काम कराए जा रहे, पूरा जोशीमठ खतरे की जद में आ गया है। वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा के बाद एक समिति गठित हुई थी, जिसने संस्तुति की थी कि समुद्रतल से 2200 फीट से ऊपर के क्षेत्र में कोई भी बड़ी परियोजना न लगाई जाए।

माहरा ने आगे कहा कि इसके बावजूद भी कंपनियों की ओर से वहां डाइनामाइट का प्रयोग किया जा रहा है। वर्ष 2021 में जब इसका खतरा बढ़ने लगा था। बीते 21 दिनों से अनेक संगठनों और बुद्धिजीवियों की ओर से जोशीमठ को बचाने के लिए सरकार से गुहार लगाई जा रही है। अब जाकर सरकार नींद से जागी है।

इस मौके पर मथुरा दत्त जोशी, पीके अग्रवाल, गरिमा दसौनी, नवीन जोशी, अनुकृति गुसाईं, नरेशानंद नौटियाल, जोशीमठ के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रकाश रावत आदि उपस्थित रहें। 

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