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Thursday, October 22, 2026
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31 मई को निर्जला एकादशी, भगवान विष्णु को ऐसे करें प्रसन्न

देहरादून: विष्णु भगवान की कृपा पाने के लिए भक्तगण उनके लिए कई व्रत रखते हैं जिनमें सबसे अधिक महत्व रखने वाला है एकादशी व्रत I इस साल 31 मई को यह व्रत पड़ रहा है। अगर आप चाहते हैं कि विष्णु भगवान की कृपा आप पर बरसे और आपके घर में धन की कमी न हो तो आप इसके लिए विशेष तौर से भगवान विष्णु की अर्चना करने के साथ -साथ किसी ब्राह्मण, गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न, वस्त्र, बिस्तर और छाता दान करेंगे तो आपको लाभकारी फल मिलेंगे। इसी के साथ ही इस दिन मां तुलसी की पूजा भी करनी चाहिए।

पंडित उदय शंकर भट्ट ने इस बारे मेंजानकारी देते हुए कहा कि ज्येष्ठ माह की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। इस दिन श्रीहरि यानी भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। क्योंकि ज्येष्ठ के महीने में बहुत गर्मी होती है इसीलिए दान के रूप में राहगीरों के लिए प्याऊ खोलना या जल दान करना चाहिए यानी राहगीरों को पानी पिलाना चाहिए और इसी के साथ ही गरीबों को छाता आदि दान करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ लक्ष्मी स्वरूप तुलसी की पूजा भी की जाती है। भगवान को आराध्य मानते हुए दूध, दही, शक्कर आदि से पूजन -अभिषेक करना चाहिए। व्रती को इस एकादशी के दिन पानी नहीं पीना चाहिए और द्वादशी को भगवान विष्णु की आराधना के बाद ही व्रत खोलना चाहिए।

साथ ही उन्होंने बताया कि ध्यान रहे कि इस दिन तुलसी के पत्ते बिल्कुल ना तोड़ें. माना जाता है कि एकादशी और रविवार के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। उनका कहना है कि तुलसी की पूजा करनी है तो तीन-चार दिन पहले पत्ते तोड़ कर रख लेने चाहिए या फिर झड़े हुए पत्तों का प्रयोग पूजा में करना चाहिए। निर्जला एकादशी के दिन दान करने से लाभकारी फल मिलते हैं।

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