Latest news
23 अक्टूबर से उत्तराखण्ड में फिर मौसम के करवट लेने के आसार देहरादून में पहली बार नए और भव्य परिसर में होगा विरासत महोत्सव पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम धामी ने की कई घोषणाएं, 1600 पदों को जल्द भरने का ऐलान स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के तह्त शहर में चला विशेष सफाई अभियान, 40 टन कूड़ा उठाया गया राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर किया हवन एवं कन्या पूजन सिमोग में दशहरा पर्व समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री महाराज पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईंः सीएम मुख्यमंत्री बन्नू बिरादरी द्वारा परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव में हुए शामिल

[t4b-ticker]

Thursday, October 22, 2026
Homeउत्तराखण्डसहकारी संस्थानों में परिवारवाद खत्म करने के लिए बनाई जाए राष्ट्रीय नीति...

सहकारी संस्थानों में परिवारवाद खत्म करने के लिए बनाई जाए राष्ट्रीय नीति : डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून: बृहस्पतिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में केंद्रीय मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में देश भर के सहकारिता मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन किया गया I सम्मेलन में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रतिभाग किया I

इस दौरान उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में उत्तराखंड में संचालित विभिन्न योजनाओं, शत प्रतिशत पैक्स कंप्यूटरीकरण, ब्याज मुक्त ऋण वितरण, विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी I साथ ही उन्होंने भविष्य की योजनाएं व सुझाव भी रखे। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत पैक्स समितियों का कंप्यूटरीकरण करने से 84 प्रतिशत पैक्स समितियां लाभ में आई हैं। इससे पहले राज्य में 22 फीसदी पैक्स समितियां प्रॉफिट में थीं।

उन्होंने इस दौरान सहकारी संस्थानों में परिवारवाद खत्म करने के मुद्दे को भी उठाया I डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारी संस्थाओं में परिवारवाद खत्म करने के लिए राष्ट्रीय नीति बनाई जाएं।

डॉ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3400 करोड़ की राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम परियोजना से प्रदेश के किसानों की आमदनी दोगुनी करने के प्रयास किए हैं। प्रदेश में बद्री गाय के दूध से तैयार घी को अमेजन के माध्यम से 2500 रुपये किलो में बेचा जा रहा है। योजना के तहत 15000 बकरी पालकों को 10-10 बकरियां मुफ्त देने के साथ ही हिमालयी गोट विलेज बनाए जा रहे हैं। 

मिशन मिल्ट को सहकारी समितियों के माध्यम से चलाया जा रहा है। जिसमें झंगोरा, मंडुवा, लाल चावल, राजमा को किसानों से खरीद कर समितियां देश-विदेश में ऑनलाइन बेच रही हैं। गंगोत्री से गंगा जल देश-विदेश में श्रद्धालुओं के लिए भेजा जा रहा है। इसके अलावा मशरूम की खेती, सेब के नए बागान लगाए जा रहे हैं।

उत्तराखंड सहकारी सिल्क फेडरेशन एक करोड़ के लाभांश में आ गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि पैक्स और किसान उत्पादक संघ एक-दूसरे के पूरक के रूप में काम करें। दीर्घ कालीन ऋणों में कोलेक्टरल सिक्योरिटी की सीमा कम की जाए। सहकारिता विश्वविद्यालय का कैंपस प्रत्येक राज्य में खोला जाए। सम्मेलन में सहकारिता सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, निबंधक सहकारिता आलोक कुमार पांडेय, अपर निबंधक आनंद एडी शुक्ल मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments