Latest news
उत्तराखंड पुलिस के नवनियुक्त आरक्षियों को केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज महासंघ ने दिया ज्ञापन केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया 1129.91 करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारः महाराज आयुष्मान के बेहतरी को प्रयासों में गंभीरता जरूरीः डा धन सिंह रावत गृहमंत्री के दौरे से पहले देहरादून प्रशासन अलर्ट, डीएम ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण सारा की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित हाई पावर कमेटी ने 187.11 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को दी मंजूरी

[t4b-ticker]

Saturday, March 7, 2026
Homeराजनीतिसीएम धामी के सिविल कोड यूनिफार्म पर प्रियंका का पलटवार

सीएम धामी के सिविल कोड यूनिफार्म पर प्रियंका का पलटवार

देहरादून : चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तरखंड में कई जनसभा को संबोधित किया और भाजपा की डबल इंजन की सरकार को घेरा । इस दौरान प्रियंका ने कहा कि उत्तराखंड और केंद्र में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार है। दावा किया जाता था कि तेजी से विकास होगा, मगर जुमलों के अलावा कुछ नहीं हुआ। सीएम धामी के कामन सिविल कोड यूनिफार्म पर प्रियंका ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार पहले लोगों का पेट भरे, रोजगार दे और महंगाई कम करे फिर इस पर बात करे।

वहीं मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज चौहान के चार धाम वाले बयान पर प्रियंका ने वार करते हुए कहा कि सात साल से केंद्र और पांच साल से राज्य में भाजपा है। हर बार 70 साल और मेरे परिवार पर अटकने की बजाय ये लोग बताएं कि इतने सालों में कितने आइआइटी और एम्स बनाएं। शिक्षा सुविधा को लेकर क्या किया? कोरोना के वक्त जब लोग मर रहे थे, तब सरकार ने क्या किया।

प्रियंका ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि नीतियां प्रदेश के लिए नहीं बल्कि पीएम और सीएम के उद्योगपति मित्रों के लिए बन रही हैं। गरीब, किसान और आम आदमी की कोई सुनवाई नहीं। हुनरमंद युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। मगर इनके उद्योगपति मित्र रोज करोड़ों कमा रहे हैं। कृषि कानूनों का मतलब था मेहनत और खून-पसीना किसान का और फायदा उद्योगपतियों का। अनुभव की कमी के चलते भाजपा को तीन सीएम बदलने पड़े। आज खटीमा की सड़कों का हाल देखकर पता चला कि सीएम के क्षेत्र तक में विकास नहीं हुआ। इससे बेहतर तो हल्द्वानी की सड़कें हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments