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Thursday, October 22, 2026
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भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग करें अधिकारी

देहरादून। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) आनंद स्वरूप ने शुक्रवार को राज्य आपातकालीन केंद्र पहुंचकर मानसून को लेकर प्रदेशभर की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही आगामी कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
शुक्रवार को श्री स्वरूप ने यूएसडीएमए स्थित कंट्रोल रूम से मानसून के चलते बंद राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों तथा ग्रामीण सड़कों को लेकर जानकारी ली तथा जीआईएस के माध्यम से भूस्खलन क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-बदरीनाथ एनएच पर जोगीधारा में बार-बार हो रहे भूस्खलन का स्थायी समाधान किया जाएगा और जल्द यूएसडीएमए तथा यूएलएमएमसी की टीम प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करेगी। उन्होंने कहा कि जिन भूस्खलन क्षेत्रों में ट्रीटमेंट का कार्य पूर्व में किया जा चुका है, संबंधित विभाग वहां नियमित तौर पर निगरानी करें ताकि कहीं फेंसिंग टूटी हो या अन्य टूट-फूट हो तो समय रहते उसकी मरम्मत की जा सके।
इस दौरान उन्होंने आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर भी संबंधित जनपदों से उनके स्तर पर की जा रही तैयारियों को लेकर यूएसडीएमए के विशेषज्ञों से चर्चा की। उन्होंने चिकित्सा शिविरों की क्षमता, जल भराव से निपटने के लिए संसाधनों की उपलब्धता, विभिन्न स्नान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इंतजाम तथा शौचालयों की व्यवस्था को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मंगवाने के निर्देश दिए।
वहीं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) राजकुमार नेगी ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस तथा हरिद्वार जिला प्रशासन की एसओपी तथा प्लान का अध्ययन कर लिया गया है। यूएसडीएमए यात्रा के सफल संचालन के लिए संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए हुए है। इस मौके पर एसईओसी के दिवस प्रभारी व आईईसी विशेषज्ञ मनीष भगत, विशेषज्ञ रोहित कुमार, डॉ. पूजा राणा, डॉ. वेदिका पंत, हेमंत बिष्ट, जेसिका टेरोन, तंद्रीला सरकार आदि मौजूद थे।
कांवड़ यात्रा की ड्रोन से निगरानी करेगा यूएसडीएमएः उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अपने नभनेत्र ड्रोन से कांवड़ यात्रा की निगरानी करेगा। अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) आनंद स्वरूप ने बताया कि ड्रोन चालक यूएसडीएमए को मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ यात्रा मार्ग तथा प्रमुख स्थलों की इसके जरिये सतत निगरानी की जाएगी। साथ ही इसके जरिये आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भूस्खलन, बाढ़ आदि की स्थिति की भी निगरानी की जाएगी। बता दें कि नभनेत्र अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। नभ नेत्र ड्रोन पूर्णतः ऑटोमेटिक है तथा रात को भी उड़ान भरने में सक्षम है तथा थर्मल कैमरा के जरिये रात में भी फोटो तथा वीडियो शूट कर सकता है। यूएसडीएमए के कंट्रोल रूम में इसकी लाइव स्ट्रीमिंग भी की जा सकेगी।

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