Latest news
युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की मुख्यमंत्री धामी ने बीआरओ गेस्ट हाउस में बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की समीक्षा की मुख्यमंत्री के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी, चारधाम यात्रा बनी सुरक्षित व सुगम

[t4b-ticker]

Thursday, April 23, 2026
Homeउत्तराखण्डपुनर्वास पैकेज का पीएमओ की निगरानी में क्रियान्वयन से बनेगा सुरक्षित और...

पुनर्वास पैकेज का पीएमओ की निगरानी में क्रियान्वयन से बनेगा सुरक्षित और भव्य जोशीमठः महेंद्र भट्ट

देहरादून। भाजपा ने जोशीमठ के लिए केंद्र से पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति के बाद पीएमओ की निगरानी में सुरक्षित और भव्य जोशीमठ बनने का भरोसा जताया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जोशीमठ आपदा पुनर्वास पैकेज को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि प्रशासन ने स्थानीय लोगों, विशेषज्ञों और तकनीकी ऐजेंसियों की रिपोर्टों के आधार पर प्रदेश सरकार को पुनर्वास पैकेज को लेकर आगणन भेजा गया था । जिसे विचार विमर्श के उपरांत भारत सरकार को भेजा गया था। उसके आधार पर जोशीमठ पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने आर्थिक पैकेज स्वीकार किया है।
वर्तमान आर्थिक मदद क्षेत्र विशेष के लिए किये गए अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैकेज है। उन्होंने बताया कि पुनर्वास का यह पूरा कार्य प्रधानमंत्री कार्यालय की मॉनिटरिंग में प्रदेश सरकार द्वारा कराया जाएगा। इस प्रक्रिया में जो भी कार्य किए जाएंगे वह पूर्णतया विशेषज्ञों व तकनीकी जानकारों की देखरेख एवं सुझाव अनुशार किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि पीएम मोदी की निगरानी और सीएम धामी के नेतृत्व में शीघ्र ही सुरक्षित और भव्य जोशीमठ सबके सामने होगा।
श्री भट्ट ने पैकेज पर सवाल खड़ा करने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि यह वही लोग हैं जो आपदा के लिए सामरिक महत्व की परियोजनाओं को जिम्मेदार ठहराकर देश का नुकसान करना चाहते थे, लेकिन शीर्ष विशेषज्ञ संस्थानों की सामूहिक रिपोर्ट के बाद इनकी पोल खुल गई है । जोशीमठ के लोगों की चिंता स्वयं प्रधानमंत्री मोदी को है, लिहाजा पुनर्वास कार्यों के क्रियान्वयन के उपरांत इस पैकेज पर सवाल खड़ा करने वालों को निश्चित रूप से जवाब मिलना तय है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments