Latest news
पुल के अधूरे निर्माण से बनी बाढ़ की स्थिति, गुस्साए लोगों ने एई के मुंह पर पोती मिट्टी अल्मोड़ा भाजपा ने तैयार किया सेवा और संगठन की मजबूती का रोडमैप गढ़वाल सभा का दस दिवसीय उत्तराखंड कौथिग 24 अक्टूबर से दून में होगा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने लिया मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में सर्राफ मंडल की एग्जीबिशन का किया अवलोकन हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगाः सीएम युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डभविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाए योजनाएं: मुख्य सचिव

भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाए योजनाएं: मुख्य सचिव

देहरादून: मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने विद्युत विभाग के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विद्युत विभाग को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आज जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उन्हें अगले 10, 15 साल बाद की आवश्यकता के अनुरूप तैयार किया जाए।

सचिवालय में हुई बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने भावी योजनाओं की डीपीआर टाइमलाइन के साथ तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भविष्य की मांग को देखते हुए सभी प्रोजेक्ट्स टाइमलाइन के साथ पूरे किए जाएं। साथ ही, विद्युत उत्पादन के अन्य स्रोतों के क्षेत्र में देश विदेश की बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन कर उत्तराखण्ड में भी अपनाए जाने की संभावनाओं को तलाशा जाए।

मुख्य सचिव ने पिटकुल को आने वाले 10, 15 सालों की आवश्यकता के अनुरूप सब स्टेशन और लाइन अलाइनमेंट आदि की प्लानिंग तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक लाइंस के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में भारत नेट और ब्रॉडबैंड लाइंस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराए जाने की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव ने मांग की दृष्टि से प्रदेश के पीक सीजन के अनुरूप विद्युत उत्पादन बढ़ाए जाने के लिए अन्य विकल्पों पर भी ध्यान देने की बात कही। उन्होने कहा कि कैनाल बेस्ड सोलर प्रोजेक्ट्स, हाइड्रो काइनेटिक टर्बाइन की दिशा में भी कार्य किया जाए। पुराने छोटे हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स का नवीनीकरण, आधुनिकीकरण और उन्नयन का कार्य शुरू किया जाए।

इस अवसर पर सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक उरेडा रंजना राजगुरु व ऊर्जा निगमों के प्रबन्ध निदेशक सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहें।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments