Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डधामी सरकार ने 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष की डॉक्टरों के रिटायरमेंट...

धामी सरकार ने 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष की डॉक्टरों के रिटायरमेंट की उम्र

देहरादून। प्रदेश सरकार ने विशेषज्ञ डाक्टरों को नये साल का तोहफा दिया है। सरकार ने विशेषज्ञ डाक्टरों को सेवा लाभ देते हुए उनके सेवानिवृत्त की आयु सीमा बढ़ा दी है। विशेषज्ञ डाक्टर अब 65 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। पहले यह आयु सीमा 60 वर्ष थी। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि आयु सीमा में वृद्धि किये जाने से प्रदेश के 550 विशेषज्ञ डॉक्टरों को लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर हो सकेगी और सुदूर ग्रामीणों को भी विशेषज्ञ डॉक्टरों का लाभ मिल सकेगा।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा रहा है। ऐसे में सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों को पांच साल की सेवावृद्धि देने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि सेवा लाभ केवल उन विशेषज्ञ डॉक्टरों को मिलेगा जो अस्पतालों में मरीजों को अपनी सेवाएं देंगे।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार  के अनुसार 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के पश्चात किसी भी विशेषज्ञ चिकित्सक को प्रशासनिक पद एवं वित्तीय दायित्वों का प्रभार नहीं दिया जायेगा, एवं उनकी तैनाती मुख्य परामर्शदाता के रूप में ढांचे के तहत उनकी विधा के उपलब्ध रिक्त पदों पर की जायेगी। उन्होंने बताया कि ऐसे चिकित्सा अधिकारियों को अग्रेत्तर पदोन्नति प्रदान नहीं की जायेगी। चिकित्सक को वेतन वृद्धि एवं अन्य सेवा लाभ, सेवा के दौरान एवं सेवानिवृत्ति पर राजकीय कार्मिकों की भांति ही नियमानुसार अनुमन्य होंगे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments