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Thursday, October 22, 2026
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मातृ शक्ति को कानूनी अधिकार से वंचित रखना चाहती है कांग्रेसः चौहान

देहरादून। भाजपा ने यूसीसी विरोध को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वे मातृ शक्ति को समान कानूनी अधिकार से वंचित रखना चाहती है। इनकी मंशा कानूनी भेदभाव से उत्तराखंड के समाज को बांटकर रखने की है, इसीलिए निवासी के मुद्दे पर भी सफेद झूठ फैला रहे हैं। कांग्रेसी लाख झूठ और भ्रम फैलाए, लेकिन जनसहयोग से यूसीसी की गंगा देश भर में कानूनी समानता लाकर रहेगी।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा की पीएम मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता लागू कर इतिहास बनाया है। समूचे प्रदेश में उत्साह की लहर है, लेकिन कांग्रेस नेताओं को प्रदेश की यह गौरवमयी उपलब्धि हजम नहीं हो रही है। यही वजह है कि वह इस कानून को गलत तरीके से पेश कर झूठ और भ्रम फैला रही है। उनके नेताओं के बयानों से स्पष्ट होता है कि वह जानते बूझते हुए राष्ट्र को एकरूपता बनाने वाले इस कानून का विरोध कर रहे हैं।
चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से मातृ शक्ति की विरोधी रही है। देश में ही नहीं, प्रदेश में भी लगातार कांग्रेस सरकार में रही या विपक्ष में, कभी भी महिला सशक्तिकरण के लिए कोई कार्य नहीं किया। आज यूसीसी के लागू होने से राज्य में समान कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, सम्पत्ति आदि सभी क्षेत्रों में हमारी माताओं को बराबरी का अवसर मिल गया है। लेकिन लगता है, कांग्रेस प्रदेश की आधी आबादी को उसका पूरा अधिकार नहीं देना चाहती है। यूसीसी का विरोध करने वाले नहीं चाहते कि मुस्लिम समाज की बहिनों को बहुविवाह, हलाला, इद्धत आदि कुप्रथाओं से मुक्ति मिल पाए। कांग्रेस संस्कृति की आड़ में, लिव इन रिलेशन से महिआओं के खिलाफ पनपते पापों का संरक्षण करते रहना चाहती है। जो अपराधी तत्व महिलाओं के साथ ऐसे संबंधों से अन्याय या अपराध करते हैं, उन्हें यूसीसी के विरोधी कानूनी शिकंजे से दूर रहना चाहते हैं। ऐसे युवाओं के परिजनों को अंधेरे में रखकर, उन्हें गर्त में डूबे रहना चाहते हैं। इस कानून से सरकार ऐसी प्रवृति का समर्थन नहीं करती है, लेकिन इसके पीछे पनपने वाले अपराधों पर लगाम लगाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एक और झूठ फैलाकर कांग्रेस पाप कर रही है कि एक वर्ष उत्तराखंड में रहने वाला स्थाई निवासी बन जायेगा। जबकि इस नियम का अर्थ है कि कोई भी व्यक्ति यह कह कर यूसीसी से बच नहीं सकता है कि वह बाहर के प्रदेश का निवासी है। इस नियम के तहत कोई भी व्यक्ति नौकरी, व्यापार या अन्य वजह से राज्य में एक वर्ष से अधिक रहता है तो उसे कानून का पालन करना ही होगा। इसमें मूल निवासी बनाने या स्थाई निवासी बनाने कोई प्रावधान नहीं है। कांग्रेस पार्टी लगातार झूठ और भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि राजनैतिक कारणों से यूसीसी विरोध के इस कांग्रेसी पाप को देवभूमि की जनता कभी माफ नहीं करने वाली है। विपक्ष लाख विरोध करे, लेकिन जनसहयोग से समान नागरिक संहिता की गंगा देशभर में कानूनी एकरूपता लाकर ही रहेगी।

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