Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डहरदा का मौन उपवास और आशीर्वाद कामना ढोंगः चौहान

हरदा का मौन उपवास और आशीर्वाद कामना ढोंगः चौहान

देहरादून। भाजपा ने हरदा के मौन उपवास और बाबा केदार से कांग्रेसियों की आशीर्वाद कामना को ढोंग करार दिया है। प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में पूर्व सीएम हरीश रावत के उपवास को ढोंग बताया, वहीं श्री केदारनाथ धाम की छवि खराब करने वाले षड्यंत्रकारी कांग्रेस नेताओं का बाबा से चुनाव में आशीर्वाद की कामना को सनातन प्रेमी जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश बताया।
उन्होंने पंचतंत्र की कहानी का जिक्र करते हुए तंज किया जिस तरह एक बगुला राम राम करते हुए पानी के मध्य तपस्या करने का ढोंग करता था, ठीक उसी तरह आज सनातन विरोधी पाप के दागों वाली दुशाला ओढ कर कांग्रेसी बांग्लादेशी हिन्दुओं पर अत्याचार पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। इससे पहले बंगाल, कर्नाटक, राजस्थान आदि तमाम इंडी शासित राज्यों में हिंदुओं के साथ अमानवीय घटनाएं हुई, लेकिन हरदा के मुंह से कभी दो शब्द नहीं निकले। जब हल्द्वानी में दंगे कराने की साजिश हुई तो वे आरोपियों पर हुई कार्यवाही पर दुख जता रहे थे और गौकशी करने वालों के साथ हरिद्वार में खड़े थे। उन्होंने कहा कि उन्हे पहाड़ की बहिन बेटियों के साथ छल करने वाले समुदाय विशेष पर हुई कार्यवाही से धर्मनिरपेक्षता खतरे में दिखाई देती है तो वहीं यूसीसी लागू करने से उनको अपनी तुष्टिकरण की राजनीति खतरे में दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को धर्मांतरण कानून से उन्हें परहेज है, क्योंकि उससे हिंदुओं की सुरक्षा होती है। वह नहीं चाहते कि देवभूमि का स्वरूप बना रहे, तभी अवैध धार्मिक कब्जों पर कार्यवाही का हमेशा विरोध करते हैं। केदारघाटी और अन्य स्थानों पर जब ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए रोकथाम के प्रयास किए तो उन्हें बाहरी अपराधी तत्वों के व्यापार की चिंता थी। वहीं कांग्रेस पार्टी सार्वजनिक रूप से केदारनाथ में हो रहे विकास कार्यों का विरोध करती है और अध्यक्ष तो कार्यों को रोकने के लिए न्यायालय तक जाने की धमकी दे रहे हैं। पार्टी के नेता हमेशा झूठे आरोप लगाकर केदार धाम की छवि खराब करने का षड्यंत्र करते रहे है। आज वही कांग्रेस नेता बाबा केदार से जीत के लिए आशीर्वाद मांग रहे हैं । लेकिन बाबा और बाबा के भक्त कांग्रेस नेताओं जैसे बगुला भगत को पहचानते हैं, लिहाजा उनको अपने पापों की सजा मिलनी तय है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments