Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डकेंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया श्रम मंत्रियों एवं सचिवों के साथ राष्ट्रीय...

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया श्रम मंत्रियों एवं सचिवों के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे

देहरादून। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री, डॉ मनसुख मांडविया 29-30 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में दो दिवसीय “राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के श्रम मंत्रियों एवं सचिवों के साथ राष्ट्रीय सम्मेलन” की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में श्रम एवं रोजगार और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री, शोभा करंदलाजे भी शामिल होंगी और सुमिता डावरा, सचिव (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय) विचार-विमर्श के लिए विषय निर्धारित करेंगी। इस राष्ट्रीय बैठक का आयोजन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा श्रम सुधारों, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों सहित संगठित एवं असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, ईएसआईसी चिकित्सा अवसंरचना और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने, राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस) पोर्टल और मॉडल करियर केंद्रों (एमसीसी) के माध्यम से रोजगार में सुधार लाने के लिए सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ सहयोग को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।
इसमें प्रमुख श्रम एवं रोजगार के मुद्दों पर अंतर्दृष्टि प्रदान करने के साथ-साथ, अनुभवों और सर्वाेत्तम प्रथाओं का भी आदान-प्रदान किया जाएगा, जिसमें श्रम संहिताओं के अंतर्गत केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मसौदा नियमों को सुसंगत बनाना, श्रम संहिताओं की भावना के अनुरूप मौजूदा संरचना के अंतर्गत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किए जा रहे श्रम सुधार शामिल हैं। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने द्वारा किए गए सुधार पहलों को प्रदर्शित करेंगे। बैठक का उद्देश्य निरीक्षक की भूमिका को निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता बनाने के लिए हितधारकों में क्षमता निर्माण करना भी है। इन सुधारों का उद्देश्य एमएसएमई और स्टार्ट-अप सहित उद्योग के विकास को सुविधाजनक बनाना है, जिससे व्यापार करने में आसानी के माध्यम से गुणवत्ता रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा सके, साथ ही श्रम कल्याण एवं महिला कार्यबल भागीदारी आदि को बढ़ावा दिया जा सके।
बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों एवं नियोक्ताओं दोनों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से सुधारों के लिए एक सुव्यवस्थित और सुसंगत कानूनी एवं प्रशासनिक संरचना का निर्माण करने के लिए केंद्र सरकार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों में तेजी लाना है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments